केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत और आयरलैंड, दोनों ही नवाचार-प्रेरित लोकतंत्र हैं और इनके बीच क्वांटम कम्युनिकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नियामकीय नवाचार और ग्रामीण ब्रॉडबैंड सेवाओं में सहयोग की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
डिजिटल साझेदारी मजबूत करने पर सहमति
आयरलैंड के मंत्री जैक चैम्बर्स के साथ द्विपक्षीय बैठक में सिंधिया ने कहा कि भारत इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन में अपनी उम्मीदवारी के लिए आयरलैंड के समर्थन की अपेक्षा करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर भविष्य के लिए तैयार डिजिटल साझेदारी विकसित कर सकते हैं। बैठक में दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना, उभरती तकनीकों और नियामकीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
तकनीकी पूरकता पर जोर
दोनों पक्षों ने माना कि भारत की व्यापक पहुंच और तेजी से तकनीक लागू करने की क्षमता, आयरलैंड के शोध-आधारित नवाचार तंत्र और यूरोपीय संघ के अनुरूप नियामकीय संरचना के साथ मजबूत पूरकता बनाती है। दूरसंचार विभाग और आयरलैंड के कमीशन फॉर कम्युनिकेशंस रेगुलेशन के बीच संरचित सहयोग की संभावनाओं पर भी सहमति बनी, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग जगत की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
भारत का डिजिटल विस्तार और उपलब्धियां
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। देश में 1.23 अरब से अधिक टेलीकॉम ग्राहक और लगभग एक अरब इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि 5जी कवरेज देश के लगभग 99.9 % जिलों तक पहुंच चुकी है और डेटा की औसत कीमत लगभग 0.10 अमेरिकी डॉलर प्रति जीबी है, जिससे कनेक्टिविटी सुलभ और किफायती बनी हुई है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सफलता
सिंधिया ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को वैश्विक स्तर पर इंटरऑपरेबल डिजिटल भुगतान के मॉडल के रूप में बताया। उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली का भी उल्लेख किया, जिससे सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पारदर्शी तरीके से पहुंचते हैं।
ग्रामीण कनेक्टिविटी मॉडल साझा
जैक चैम्बर्स ने आयरलैंड की नेशनल ब्रॉडबैंड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सस्ती और प्रभावी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का सफल मॉडल है। उन्होंने आयरलैंड की अर्थव्यवस्था में भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की और फाइबर नेटवर्क विस्तार परियोजनाओं की जानकारी दी।
व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा
दोनों पक्षों ने तकनीकी और नियामकीय क्षेत्रों में श्रेष्ठ अनुभव साझा करने तथा अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार सहयोग के ढांचे के तहत मिलकर काम करने पर जोर दिया। उन्होंने भारत और आयरलैंड के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत साझेदारी का आधार बताया।

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