सरकारी डेटा के मुताबिक, भारत में होलसेल प्राइस इन्फ्लेशन (WPI) मार्च में बढ़कर 3.88 परसेंट हो गई, जबकि फरवरी में यह 2.13 परसेंट थी। इससे पता चलता है कि होलसेल लेवल पर कीमतें पहले के मुकाबले तेज़ी से बढ़ रही हैं। महंगाई क्यों बढ़ी? महंगाई में बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाने की चीज़ों, फ्यूल और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की ज़्यादा कीमतों की वजह से हुई। इन कैटेगरी में महीने के दौरान कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे कुल महंगाई बढ़ गई। इकॉनमी पर असर होलसेल महंगाई बढ़ने से बिज़नेस की लागत बढ़ सकती है। समय के साथ, इसका असर रिटेल कीमतों पर भी पड़ सकता है, जिसका मतलब है कि कंज्यूमर्स को सामान और सर्विस के लिए ज़्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।
Breaking News
- सरगुजा में तेज हुई गर्मी की मार, 24 घंटे में 3 डिग्री उछाल, 4 दिन हीट वेव का अलर्ट
- छत्तीसगढ़ में 20 अप्रैल से 15 जून तक स्कूलाें में ग्रीष्मकालीन अवकाश, आदेश शारी
- लखनऊ में जीत के बाद कोहली ने आरसीबी के प्रदर्शन को सराहा, कहा- हम पूरे मैच में आगे रहे
- भोपालपटनम तहसीलदार ने 74 अतिक्रमणकारियाें काे अतिक्रमण हटाने जारी किया नोटिस
- चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा झटका, खलील अहमद चोट के कारण आईपीएल से बाहर
- आंध्र प्रदेश के कर्नुल में सड़क हादसा, कर्नाटक के आठ श्रद्धालुओं की मौत, 12 घायल
- धर्म के आधार पर आरक्षण की बात असंवैधानिकः अमित शाह
- पीलिया प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का सर्वे अभियान जारी
- सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में एडीआर सेमिनार का आयोजन
- मादा गौर शिकार मामले में फरार दो आरोपित गिरफ्तार, जेल दाखिल
मार्च में WPI महंगाई दर बढ़कर 3.88% हुई, फरवरी में थी 2.13%, कीमतों पर दबाव जारी|















