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संभाग आयुक्त और कलेक्टर ने भरा ऑनलाइन स्व गणना प्रपत्र


शहर 17 April 2026
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संभाग आयुक्त और कलेक्टर ने भरा ऑनलाइन स्व गणना प्रपत्र

दुर्ग। जिले में भारत की जनगणना की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के तहत जारी हैं। नागरिकों को स्व-गणना का अवसर प्रदान किया गया है। के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में कोई भी व्यक्ति जनगणना संबंधी निर्धारित बिंदुओं में अपनी जानकारी स्वयं भर सकता है।  जिले में गुरुवार 16 अप्रैल से स्व-गणना शुरू हो गया है। संभाग आयुक्त  एस.एन. राठैर एवं कलेक्टर  अभिजीत सिंह ने आज निर्धारित पोर्टल से अपना स्व गणना पत्रक ऑनलाइन भरे । उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए आसान एवं सरल प्रक्रिया के तहत स्व गणना भरने की सहूलियत दी गई है। घर का मुखिया इस फार्म को भर सकते है। एक मोबाइल से केवल  एक ही स्व गणना  फार्म भरा जा सकता है। यह फॉर्म सुबह 6 बजे से रात 12 बजे  तक भरा जा सकता है। इससे एक आई डी प्राप्त होगा। जिसे प्रगणक जब आपके घर आएंगे तब बताना होगा। लेकिन यदि आप यह फॉर्म नहीं भर पाते तो 1 से 30 मई के बीच प्रगणक आपके घर आकर जानकारी लेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय है। जिले में चल रही जनगणना की तैयारियों के सिलसिले में शनिवार 11 अप्रैल से प्रगणकों एवं सुपरवाइजर का प्रशिक्षण शुरू हुआ।

बेझिझक दें सही-सही जानकारी, पूरी गोपनीयता रहेगी और साक्ष्य के रूप में मान्य नहीं होगी

संभाग आयुक्त  राठौर एवं कलेक्टर  सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि जनगणना के लिये आने वाले प्रगणकों को बेझिझक सही-सही जानकारी दें। आपके द्वारा दी गई जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी। स्पष्ट प्रावधान है कि आपके द्वारा दी गई जानकारी का उपयोग साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं होगा। जनगणना के आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण तथा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन कार्य के लिये आधार बनते हैं।

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत  जिले में भी दो चरणों में जनगणना होगी। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) कार्य  01 मई से 30 मई 2026 तक किया जायेगा।

जनगणना कार्यक्रम के तहत प्रगणक घर-घर जाकर "Census 2027&HLO" मोबाइल एप का उपयोग कर डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे। साथ ही लोगों द्वारा पोर्टल पर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे। दोनों तरह से प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जाँच होगी। पहले यह कार्य पर्यवेक्षकों द्वारा किया जायेगा। साथ ही चार्ज अधिकारी भी मैदान में जाकर पुनः सत्यापन कर त्रुटियां ठीक करायेंगे। ग्राम व नगर रजिस्टर का प्रारूप व विषय वस्तु, ग्रामीण व नगरीय चार्ज रजिस्टर, प्रगणक, पर्यवेक्षकों व चार्ज अधिकारियों के कार्य, पर्यवेक्षण व कानूनी शक्तियां इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

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