Breaking News

इंसानों से महंगी पड़ रही AI, कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा एआई मॉडल पर पैसा खर्च कर रही हैं कंपनियां


विज्ञान 28 April 2026
post

इंसानों से महंगी पड़ रही AI, कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा एआई मॉडल पर पैसा खर्च कर रही हैं कंपनियां

AI पर अब कंपनियों का खर्च बढ़ गया है और वो इस पर कर्मचारियों की सैलरी से ज्यादा पैसा निवेश कर रही हैं. दरअसल, पिछले कुछ समय से एआई कंपनियां अपने मॉडल के बदले कस्टमर्स से पैसा वसूलना शुरू कर चुकी हैं. इस कारण अब AI यूज करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ गई है. कुछ कंपनियों के लिए यह लागत उनके कर्मचारियों की सैलरी से भी ज्यादा है. हाल ही में Uber के CTO प्रवीण नेप्पली नागा ने बताया था कि एआई कोडिंग टूल्स की बढ़ते यूज के कारण कंपनी ने एआई पर सालभर में खर्च होने वाला बजट कुछ ही महीनों में यूज कर लिया है.

कई कंपनियों की एक जैसी कहानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Uber जैसी स्थिति का कई दूसरी कंपनियां भी सामना कर रही है. getswan.com के सीईओ ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट कर बताया था कि उनकी 4 लोगों की टीम के लिए एक महीने का एआई का बिल 1 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया है. इसी तरह Nvidia के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी अपने कर्मचारियों से ज्यादा पैसा कंप्यूट पर खर्च कर रही है. AI की बढ़ती लागत अब कंपनियों के सामने एक चुनौती बनती जा रही है. इस साल कंपनियां एआई पर 6.31 ट्रिलियन डॉलर खर्च करेंगी, जो पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक होगा. 

आम ग्राहकों पर भी पड़ रहा असर

AI की बढ़ती लागत का असर सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है और ग्राहक भी इससे प्रभावित हो रहे हैं. हाल ही में एंथ्रोपिक के यूजर्स ने शिकायत की थी कि वो Claude का मैक्सिमम यूज नहीं कर पा रहे हैं और उनकी टोकन लिमिट जल्दी पूरी हो रही है. इसके अलावा अब कंपनियां भी अपने फीचर-लोडेड मॉडल के यूज को पेड बनाने में लगी हुई हैं, जिससे ज्यादातर ग्राहकों के लिए फीचर्स को यूज कर पाना मुश्किल हो गया है. 

आगे का रास्ता क्या है?

एआई पर अभी भी काफी काम बाकी है और हर दिन के साथ यह एडवांस होती जा रही है. दूसरी तरफ कंपनियां भी ग्राहकों के लिए लागत को कम से कम रखना चाहती है. हाल ही में गूगल ने नए TPUs लॉन्च किए हैं, जो एआई की ट्रेनिंग और डिप्लॉयमेंट के लिए कम पावर की खपत करते हैं. इसके अलावा OpenAI भी अपना GPT-5.5 मॉडल लेकर आई है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह कम टोकन में ज्यादा टास्क कंप्लीट कर सकता है. 

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.