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महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हेतु विधान सभा का विशेष सत्र आज

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महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हेतु विधान सभा का विशेष सत्र आज

रायपुर, 30 अप्रैल। छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र गुरुवार 30 अप्रैल को होने जा रहा है। इस सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हाेगी । इसमें सरकारी कामकाज के लिए केवल एक ही बैठक रखी गई है। सत्र का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विगत दिनाें घोषणा की थी कि महिला आरक्षण बिल के विरोध में विपक्ष की भूमिका पर इस सत्र में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

सरकार ने एक अनोखी पहल करते हुए मीडिया संस्थानों से कार्यवाही कवर करने के लिए केवल महिला पत्रकारों को नामित करने का आग्रह किया है ताकि कवरेज में 'नारी शक्ति' का प्रतिनिधित्व दिखे। इसके लिए प्रदेशभर की निगम, पालिका और पंचायतों की 500 से ज्यादा महिलाओं को बुलाया गया है । सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुधवार को हुई, जिसमें विपक्ष ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। वहीं भाजपा विधायक दल की बैठक आज सत्र शुरू होने से ठीक पहले हुई।

मुख्यमंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार महिलाओं को 33फ़ीसदी आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाना चाहती थी, लेकिन विपक्षी "इंडी गठबंधन" के नकारात्मक रवैये के कारण यह बिल गिर गया। सरकार इसे देश की "70 करोड़ महिला शक्ति" के साथ विश्वासघात और लोकतंत्र के लिए एक "काला अध्याय" मान रही है।

भाजपा इस सत्र के माध्यम से जनता को यह संदेश देना चाहती है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिला विरोधी हैं। वे राज्य में पहले से लागू पंचायती राज के 50फीसदी से अधिक आरक्षण और महतारी वंदन योजना जैसे उदाहरणों से अपनी प्रतिबद्धता जता रहे हैं।

विशेष सत्र की तैयारियों को लेकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक राजीव भवन में हुई। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डा.चरणदास महंत ने मीडिया से कहा कि महिला आरक्षण पर बात रखने के लिए हमने अपने महिला विधायकों को ही बोलने के लिए प्रशिक्षित किया है। वहां पर प्रदेश में महिलाओं की स्थिति के बारे में पूरी बातें रखेंगी।

हम इस कार्यवाही का बहिष्कार कर सकते थे लेकिन हम यह देखना चाहते हैं कि राज्य सरकार किस तरह निंदा प्रस्ताव ला रही है। क्योंकि देश की पहली विधानसभा होगी जहां निंदा प्रस्ताव लाया जा रहा है। देखते हैं कि किस प्रकार शासन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की निंदा करता है। हम देखेंगे कि वह कैसे हमारी निंदा करते हैं प्रस्ताव लाते हैं और काैन-कौन क्या कहता है।

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