सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है और खरीफ 2026 के मौसम के लिए आपूर्ति आवश्यकता से अधिक है। आज नई दिल्ली में अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि उर्वरकों का घरेलू उत्पादन 62.37 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि आयात लगभग 15.39 लाख मीट्रिक टन है, जिससे चालू अवधि में कुल उपलब्धता लगभग 78 लाख मीट्रिक टन हो गई है। उन्होंने बताया कि 38 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 19 लाख मीट्रिक टन फॉस्फेटिक और पोटैशियम युक्त उर्वरकों की खरीद के लिए वैश्विक निविदाएं जारी की गई हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में उर्वरक सुरक्षा मजबूत, स्थिर और सुव्यवस्थित बनी हुई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देशभर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है और किसी भी वितरक को आपूर्ति में कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग में लगभग 98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लगभग 93 प्रतिशत डिलीवरी ओटीपी के माध्यम से प्रमाणित हो रही हैं। उन्होंने आगे बताया कि लगभग 43 हजार उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन पीएनजी के नाम कर दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि क्षेत्र में सभी नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय समुद्री जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। श्री मंगल ने कहा कि मंत्रालय ने अब तक 2800 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 28 नाविक शामिल हैं। अतिरिक्त सचिव ने आगे कहा कि देशभर में बंदरगाहों का संचालन सामान्य है और कहीं भी भीड़भाड़ की सूचना नहीं मिली है।





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