रायपुर में कमर्शियल बिल्डिंग्स की लिफ्ट सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि लगातार सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन और सिस्टम की तैयारियों पर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के अलग-अलग व्यावसायिक परिसरों में लिफ्ट फंसने की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बन रहा है। ताजा मामला फाफाडीह स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स का है, जहां गुरुवार सुबह लगभग 8 बजे एक आईएएस अधिकारी की पत्नी लिफ्ट में फंस गईं। जानकारी के अनुसार आईएएस अधिकारी सिद्धार्थ कोमल परदेशी की पत्नी गार्गी परदेशी सुबह जिम जाने के लिए लिफ्ट का उपयोग कर रही थीं, तभी अचानक लिफ्ट बीच में ही रुक गई और तकनीकी खराबी आ गई। लिफ्ट रुकते ही वह घबरा गईं और कुछ समय तक अंदर ही फंसी रहीं।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य और नगर निगम के अधिकारी सक्रिय हुए और तुरंत मौके पर पहुंचने की प्रक्रिया शुरू की गई। नगर निगम की जोन क्रमांक-2 की टीम को तत्काल भेजा गया, जिन्होंने लिफ्ट को खोलने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही संबंधित टीम को मौके पर भेजा गया और मामले की जांच की जा रही है। वहीं मुख्य विद्युत निरीक्षक सुरेश कुमार नेताम ने कहा कि उन्हें इस घटना की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली थी, लेकिन यदि ऐसी कोई घटना हुई है तो संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाएंगे कि वह मौके पर जाकर लिफ्ट की सुरक्षा व्यवस्था, संचालन प्रणाली और तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच करे। गौर करने वाली बात यह है कि रायपुर में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है।
इससे पहले 20 अप्रैल को करेंसी टॉवर में एक गंभीर घटना हुई थी, जहां वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ऋचा शर्मा लिफ्ट में फंस गई थीं। उस समय लिफ्ट के अंदर न पर्याप्त रोशनी थी, न वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था और न ही कोई इमरजेंसी अलार्म या हेल्पलाइन नंबर मौजूद था, जिसके कारण उन्हें लगभग 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहना पड़ा था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने कमर्शियल बिल्डिंग्स की सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निरीक्षण की कमी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई भवनों में लिफ्ट की
पर जांच नहीं की जाती, जिससे तकनीकी खराबी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं आम नागरिकों में भी अब इस तरह की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है, क्योंकि रोजाना हजारों लोग इन लिफ्टों का उपयोग करते हैं। प्रशासन पर अब दबाव बढ़ रहा है कि वह सभी व्यावसायिक भवनों की लिफ्टों की सख्त जांच करे और सुरक्षा मानकों को अनिवार्य रूप से लागू करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




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