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ग्रामीणों द्वारा मजदूरी भुगतान का ज्ञापन सौंपते ही ईई ने बैक डेट में सड़क काे ही निरस्त कर दिया

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ग्रामीणों द्वारा मजदूरी भुगतान का ज्ञापन सौंपते ही ईई ने बैक डेट में सड़क काे ही निरस्त कर दिया

बीजापुर, 18 मई । जिले के बिरयाभूमि से इडेर सड़क का मामले पर प्रभारी कार्यपालन अभियंता नवीन तोंडे द्वारा आनन फानन में बैक डेट पर रोड निरस्तीकरण आदेश जारी करने पर उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त किया है।

उल्लेखनीय है कि बिरयाभूमि से इडेर सड़क निर्माण कार्य का भुगतान प्रदाय करने हेतु ग्रामीणों ने 15 मई को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने ईई नवीन तोड़ें से मुलाकात कर अपनी समस्या पर बात रखी कि उक्त सड़क का भुगतान प्रदाय कर राहत प्रदाय करें, लेकिन इसके उलट ईई नवीन तोड़ें ने मामला की गंभीरता को नज़र अंदाज करते हुए रविवार 17 मई को पीआरओ के माध्यम से जारी पत्र में 14 मई के तारीख से सड़क निरस्तीकरण आदेश जारी किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ भ्रष्ट अधिकारी अपनी रोटी सेकने के लिए ग्रामीणों की मजदूरी भुगतान नहीं करवाने के लिए सड़क को निरस्तीकरण कर अपने चहेते लोगों को काम दिलाना चाहते हैं । ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब कार्य पहले से प्रगतिरत है और 9 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है और पूर्व में 2 बार भुगतान प्रदाय किया गया है, जिसके बावजूद बैक डेट पर रोड निरस्तीकरण आदेश जारी करना जिससे प्रभारी अधिकारी के कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। एक ओर जहां सरकार सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने जैसे कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने का हर संभव कार्य कर रही है, वही दूसरी ओर कुछ अधिकारी ग्रामीणों के द्वारा मजदूरी की मांग करने पर मजदूरी प्रदाय करना न पड़े इसके लिए सड़क निरस्तीकरण आदेश जारी कर अपना और ठेकेदाराें के लिए एक मार्ग प्रश्स्त करने में लगे हुए हैं।

ग्रामीण मजदूर रविन्द्र फरसा ने बताया कि मेरे द्वारा ईई नवीन तोड़ें से भुगतान के संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं तुम्हे नहीं जानता हूं, तुम कौन से थर्ड पार्टी हो, मैं सिर्फ ठेकेदार को जानता हूं। वहीं अधिकारियाें काे ईई नवीन तोड़ें ने बताया कि ठेकेदार द्वारा बिल बनाकर आफिस में जमा करने पर बिल भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद आनन फानन में बैक डेट पर सड़क निरस्तीकरण आदेश जारी करना आपसी मिली भगत से मजदूराें की मजदूरी नहीं देने की ओर इशारा करता है।

प्रश्न यह उठता है कि पीएमजीएसवाय विभाग के द्वारा जब कार्य 6 साल से कार्य बंद था तब टेंडर क्यों नहीं निरस्त किया गया, जब ग्रामीणों ने 15 मई को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत करने और ठेकेदार काे भुगतान नहीं मिलने की बात उजागर करने के बाद 17 मई को पीआरओ के माध्यम से जारी पत्र में 14 मई के तारीख से सड़क निरस्तीकरण आदेश जारी कर दिया जाता है।

उक्त संबंध में ईई नवीन तोड़ें से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया लेकिन उन्हाेंने कॉल भी रिसीव करना उचित नहीं समझा और न ही काल बैक कर चर्चा का प्रयास किया ।

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