दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और योजनाओं की घोषणा की। इस बैठक को क्षेत्रीय रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी शामिल हुए। चारों देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मार्को रुबियो ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि क्वाड अब केवल एक संवाद मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह धीरे-धीरे एक सक्रिय और रणनीतिक कार्यशील गठबंधन के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सदस्य देश अब साझा चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक ठोस और व्यावहारिक कदम उठा रहे हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन की मजबूती, और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि क्वाड देशों का संयुक्त आर्थिक प्रभाव वैश्विक स्तर पर काफी बड़ा है।
उन्होंने बताया कि ये देश मिलकर दुनिया की कुल जीडीपी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बनाते हैं और लगभग दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा आर्थिक विकास का मजबूत आधार बताया। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का प्रमुख केंद्र बनाए रखने के लिए सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है। सदस्य देशों ने आपसी भरोसे और पारदर्शिता के साथ साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई। कुल मिलाकर, क्वाड बैठक में लिए गए निर्णयों और बयानों से यह संकेत मिला है कि आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक सहयोग की दिशा में और अधिक सक्रियता देखने को मिल सकती है।















