मिजोरम: मिज़ोरम में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मणिपुर सीमा के पास सैतुअल जिले में तुईवाई नदी पर 132 मेगावाट क्षमता का हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह प्रस्तावित परियोजना राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और बिजली आपूर्ति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से भविष्य में बिजली की निर्भरता बाहरी स्रोतों पर कम होगी।
तुईवाई नदी पर बनने वाला यह हाइड्रो प्रोजेक्ट राज्य के सैतुअल जिले में प्रस्तावित है, जो भौगोलिक रूप से ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई। इस बैठक में पावर मंत्री एफ. रोडिंगलियाना और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने परियोजना की मौजूदा स्थिति और आगे की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, इस हाइड्रो प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और अब इसे टेंडर प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लागू करने पर विचार कर रही है। मिज़ोरम बिजली एवं ऊर्जा विभाग का मानना है कि यह परियोजना राज्य में ऊर्जा ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विकास को भी गति देगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हाइड्रो प्रोजेक्ट न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकता है। साथ ही इससे राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में मिज़ोरम को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए, और यह परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।















