रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने सोमवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में कदम बढ़ाने की घोषणा की। कंपनी ने कहा कि उसने अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से एआई और तकनीक आधारित गतिविधियों को अपने कारोबार का हिस्सा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि तेजी से विकसित हो रहे एआई इकोसिस्टम और उससे जुड़े तकनीकी क्षेत्रों में भागीदारी के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
कंपनी के अनुसार, कुछ सहायक कंपनियों के उद्देश्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं।
इसी क्रम में कंपनी ने अपनी तीन सहायक कंपनियों के नए नाम भी घोषित किए हैं। इनके नाम अब रिलायंस एआई वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस एआई एपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस एआई वन प्राइवेट लिमिटेड होंगे।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि इन बदलावों का उद्देश्य कंपनी के कारोबारी ढांचे में एआई और अन्य तकनीक आधारित गतिविधियों को शामिल करना है।
हालांकि, कंपनी ने इस संबंध में किसी वित्तीय निवेश, समय-सीमा या विस्तृत कारोबारी योजना की जानकारी साझा नहीं की है।
घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। बीएसई पर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया और 86.17 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
दीर्घकालिक प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी के शेयर में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक वर्ष में इसमें लगभग 80 प्रतिशत की गिरावट आई है। बीते छह महीनों में शेयर करीब 40 प्रतिशत कमजोर हुआ है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें 20 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है।
वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही में 918 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इस दौरान परिचालन से आय 4,001 करोड़ रुपये रही।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का कुल शुद्ध लाभ 2,900 करोड़ रुपये रहा, जबकि परिचालन से आय 20,440 करोड़ रुपये दर्ज की गई।














