दुर्ग। केंद्र एवं राज्य शासन की महत्वाकांक्षी (नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल) ऑयल पाम योजना के अंतर्गत जिले में ऑयल पाम खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज धमधा विकासखण्ड के ग्राम कंदई और धौराभाठा पहुंचकर आयॅल पाम खेती का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभिन्न कृषि गतिविधियों का भी निरीक्षण किया।
ग्राम कंदई में कृषक श्री पवन कुमार साहू, श्री तुमेन्द्र कांत साहू, श्री विश्वदीप साहू द्वारा कुल 7.45 हेक्टेयर रकबे में से 2 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम पौधरोपण किया गया है। शेष क्षेत्र में गड्ढा खुदाई का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा आगामी दो से तीन दिनों में पौधरोपण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने ग्राम धौराभांठा के कृषक श्री नवीन लोहान एवं श्रीमती लतिका शर्मा के 4 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित ऑयल पाम प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान लगभग 500 एकड़ खेत में लगाए गए ड्रैगन फ्रूट, आम की विभिन्न किस्मों, मौसंबी, पपीता, अमरूद, केला तथा जल संरक्षण के लिए निर्मित तालाब का अवलोकन किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिंह ने धौराभांठा में जामुन का पौधा भी रोपित किया। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने धौराभांठा में स्थित एसजे फार्म सबसे बड़े जैविक और हाई-टेक डेयरी फार्म का भी निरीक्षण किया। यहां मुख्य रूप से गिर नस्ल की गाये पाली जाती हैं। इस विशाल फॉर्म में गायों के गोबर का उपयोग करके पूरी तरह से प्राकृतिक और जैविक तरीके से फल व सब्जियां उगाई जाती हैं। इस दौरान कलेक्टर ने डेयरी फार्म में गायों को गुड़ खिलाया ।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने निरीक्षण के दौरान किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकती है। शासन द्वारा इस योजना में विभिन्न मदों पर अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे किसानों को नई खेती अपनाने में आर्थिक सहायता मिल रही है। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में दुर्ग जिले को एनएमईओ-ओपी योजना के तहत 150 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिले में योजना का संचालन उद्यानिकी विभाग एवं शासन द्वारा अधिकृत 3 एफ ऑयल पाम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सहयोग से किया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में 28 किसानों का चयन कर ले-आउट एवं गड्ढा खुदाई का कार्य कराया जा रहा है।
इस दौरान उप संचालक श्री नारायण सिंह लावत्रे, उद्यान विकास अधिकारी श्री रविश कुमार साहू, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्री प्रमोद कुमार धलेन्द्र, कंपनी के स्टेट हेड श्री डोमेन्द्र साहू, कलस्टर मैनेजर श्री रोहित साहू, कलस्टर ऑफिसर श्री देवानंद साहू उपस्थित रहे। रायपुर, 09 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने दिनांक 08 जून 2026 को औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया।
जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित
श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उड़नदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।













