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घर पर बनानी है परफेक्ट मैंगो आइसक्रीम, पहले जान लें कौन-सा आम देगा सबसे क्रीमी स्वाद?

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घर पर बनानी है परफेक्ट मैंगो आइसक्रीम, पहले जान लें कौन-सा आम देगा सबसे क्रीमी स्वाद?

गर्मियों का मौसम और आम का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. चाहे आम को सीधे खाया जाए, शेक बनाया जाए या फिर आइसक्रीम, इसका स्वाद हर रूप में लोगों का दिल जीत लेता है. खासकर घर पर बनी मैंगो आइसक्रीम की बात ही अलग होती है. इसमें न सिर्फ ताजे आम की खुशबू होती है, बल्कि हर स्कूप में गर्मियों का असली स्वाद भी महसूस होता है. लेकिन कई बार पूरी मेहनत के बाद भी आइसक्रीम वैसी क्रीमी और स्वादिष्ट नहीं बन पाती जैसी हम चाहते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह गलत आम का चुनाव हो सकता है.

आइसक्रीम बनाते समय ज्यादातर लोग सिर्फ यह देखते हैं कि आम पका हुआ है या नहीं, लेकिन असल में हर आम आइसक्रीम के लिए सही नहीं होता. अलग-अलग किस्म के आमों में मिठास, रस और रेशों की मात्रा अलग होती है. कुछ आम ऐसे होते हैं जो आसानी से प्यूरी बन जाते हैं और आइसक्रीम को मुलायम बनाते हैं, जबकि कुछ आमों में ज्यादा रेशे होने के कारण आइसक्रीम का टेक्सचर खराब हो सकता है. इसलिए अगर आप घर पर रेस्टोरेंट जैसी मैंगो आइसक्रीम बनाना चाहते हैं तो सही आम चुनना सबसे जरूरी कदम है.

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्फोंसो, केसर और बादामी जैसे आम आइसक्रीम के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं. इन आमों में प्राकृतिक मिठास भरपूर होती है और इनका गूदा काफी चिकना होता है. यही वजह है कि इनसे बनी आइसक्रीम में अलग से ज्यादा चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही इनकी खुशबू भी काफी अच्छी होती है, जो आइसक्रीम के स्वाद को और खास बना देती है. वही अगर आम मीठा और स्वाद से भरपूर होगा, तो आपकी आइसक्रीम भी उतनी ही शानदार बनेगी.

आम खरीदते समय उसकी खुशबू पर जरूर ध्यान दें. पके हुए आम से डंठल के पास एक मीठी और ताजगी भरी सुगंध आती है. यही संकेत होता है कि आम पूरी तरह से तैयार है. इसके अलावा आम को हल्के हाथ से दबाकर भी देखा जा सकता है. अगर वह थोड़ा नरम महसूस हो, तो वह इस्तेमाल के लिए सही है. बहुत ज्यादा नरम आम का स्वाद बिगड़ सकता है, जबकि कच्चे आम आइसक्रीम में हल्का खट्टापन ला सकते हैं.

आइसक्रीम का रंग भी काफी हद तक आम पर निर्भर करता है. इसलिए गहरे पीले या नारंगी रंग के गूदे वाले आमों को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है. ऐसे आम आइसक्रीम को बिना किसी कृत्रिम रंग के आकर्षक लुक देते हैं. साथ ही उनका स्वाद भी ज्यादा गहरा और प्राकृतिक महसूस होता है. यही वजह है कि अच्छे रंग वाले आमों से बनी आइसक्रीम देखने और खाने दोनों में बेहतर लगती है.

सिर्फ सही आम चुनना ही काफी नहीं है, उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है. आइसक्रीम बनाने से पहले आम के गूदे को अच्छी तरह ठंडा कर लें. ठंडा गूदा क्रीम या दूध के साथ आसानी से मिल जाता है और मिश्रण को बराबर तरीके से जमने में मदद करता है. इसके अलावा प्यूरी को तब तक ब्लेंड करें जब तक वह पूरी तरह चिकनी न हो जाए. इससे बर्फ के कण बनने की संभावना कम हो जाती है और आइसक्रीम ज्यादा क्रीमी बनती है.

अगर आप स्वाद को थोड़ा और खास बनाना चाहते हैं, तो इसमें हल्की सी इलायची या थोड़ा सा केसर भी मिला सकते हैं. यह आइसक्रीम के स्वाद को और बेहतर बना देता है, लेकिन ध्यान रहे कि इनकी मात्रा बहुत ज्यादा न हो, वरना आम का असली स्वाद दब सकता है. साथ ही मिश्रण में जरूरत से ज्यादा पानी मिलाने से बचें, क्योंकि इससे आइसक्रीम में बर्फ जम सकती है और उसकी मलाईदार बनावट खराब हो सकती है.

आखिर में, आइसक्रीम को हमेशा एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें और परोसने से पहले कुछ मिनट के लिए फ्रीजर से बाहर निकाल लें. इससे आइसक्रीम थोड़ी मुलायम हो जाती है और उसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर महसूस होते हैं. कुल मिलाकर, अगर आप सही आम चुनते हैं और कुछ आसान बातों का ध्यान रखते हैं, तो घर पर बनी मैंगो आइसक्रीम का हर स्कूप बाजार की आइसक्रीम को भी टक्कर दे सकता है.

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