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छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस सुंदरराज पी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, एनआईए के बने आईजी


देश 17 June 2026
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छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस सुंदरराज पी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, एनआईए के बने आईजी

 रायपुर, 17 जून । छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर नियुक्त किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र जारी कर उनकी प्रतिनियुक्ति की जानकारी दी।

गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार से उन्हें शीघ्र कार्यमुक्त करने का अनुरोध भी किया है, ताकि वे अपनी नई जिम्मेदारियों का कार्यभार संभाल सकें।

सुंदरराज पी की गिनती छत्तीसगढ़ पुलिस के सबसे अनुभवी और रणनीतिक रूप से कुशल अधिकारियों में होती है। वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज ने विशेष रूप से बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियानों के प्रभावी नेतृत्व से अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने लंबे समय तक संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करते हुए सुरक्षा बलों के साथ समन्वय स्थापित किया और कई बड़े ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुंचाया। सुंदरराज पी. की पहचान एक जमीनी, दूरदर्शी और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है। उनके नेतृत्व में न केवल नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ, बल्कि आत्मसमर्पण नीति को भी नई गति मिली। उनकी रणनीति और कार्यशैली के कारण बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा का दामन थामा।

बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में उन्होंने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ ग्रामीणों का विश्वास जीतने और विकास कार्यों को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया। यही वजह रही कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ-साथ आम लोगों का प्रशासन और सुरक्षा बलों पर भरोसा भी बढ़ा।

मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले सुंदरराज पी का जन्म 27 फरवरी 1980 को हुआ था। उन्होंने ग्रेजुएशन में बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया।

एनआईए में आईजी के रूप में उनकी नियुक्ति का आदेश जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उनकी यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ कैडर के लिए सम्मान और गौरव का विषय मानी जा रही है।

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