21 मई को दुनियाभर में इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है. भारत समेत कई देशों में चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और भावनाओं का हिस्सा बन चुकी है. किसी के दिन की शुरुआत बेड टी से होती है, तो कोई शाम की थकान दूर करने के लिए चाय का सहारा लेता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सिर्फ एक-दो नहीं, बल्कि कई तरह की चाय मशहूर हैं और हर चाय को बनाने का तरीका भी अलग होता है.
क्यों अलग-अलग तरीके से बनती है चाय?
दरअसल, ज्यादातर असली चाय कैमेलिया साइनेंसिस नाम के पौधे की पत्तियों से बनती है. इन्हीं पत्तियों को अलग-अलग तरीके से प्रोसेस करके ब्लैक टी, ग्रीन टी, वूलॉन्ग टी, व्हाइट टी, पु-एर टी और डार्क टी तैयार की जाती है. वहीं लैवेंडर टी, कैमोमाइल टी, पेपरमिंट टी और हर्बल टी जैसी ड्रिंक्स तकनीकी रूप से चाय नहीं मानी जातीं, क्योंकि ये अलग पौधों और फूलों से तैयार होती हैं.
ग्रीन टी- हेल्दी विकल्प
ग्रीन टी दुनिया की सबसे लोकप्रिय हेल्दी टी में गिनी जाती है. इसकी पत्तियों को तोड़ने के तुरंत बाद तेज गर्मी देकर प्रोसेस किया जाता है, ताकि ऑक्सीडेशन न हो और पत्तियों का हरा रंग बना रहे. ग्रीन टी को हल्के स्वाद और एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए जाना जाता है. चीन में इसे पैन में गर्म करके तैयार किया जाता है, जबकि जापान में स्टीम देकर प्रोसेस किया जाता है.
जापान की खास टी- माचा टी
माचा टी जापान की खास चाय मानी जाती है. इसे बनाने के लिए पहले चाय की पत्तियों को छाया में उगाया जाता है, फिर उनकी नसें और डंठल हटाकर बारीक पाउडर तैयार किया जाता है. इस पाउडर को गर्म पानी में फेंटकर पिया जाता है. यही वजह है कि माचा टी सामान्य ग्रीन टी से काफी अलग होती है.
ब्लैक चाय
ब्लैक टी सबसे ज्यादा पी जाने वाली चायों में शामिल है. इसकी पत्तियों को पूरी तरह ऑक्सीडाइज किया जाता है, जिससे इसका रंग गहरा और स्वाद मजबूत हो जाता है. भारत की मसाला चाय और ब्रेकफास्ट टी इसी कैटेगरी में आती हैं. मसाला चाय में ब्लैक टी के साथ दूध, चीनी, अदरक, दालचीनी, इलायची और लौंग जैसे मसाले डाले जाते हैं.
ऊलोंग टी
ऊलोंग टी को पार्टली ऑक्सीडाइज्ड टी कहा जाता है. इसकी पत्तियों को हल्का सुखाने, हिलाने और फिर गर्म करने की प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. इसका स्वाद ग्रीन टी और ब्लैक टी के बीच का माना जाता है.
व्हाइट टी
व्हाइट टी सबसे कम प्रोसेस की जाने वाली चाय है. इसकी पत्तियों को तोड़ने के बाद बस धीरे-धीरे सुखाया जाता है, जिससे इसका हल्का और नेचुरल फ्लेवर बना रहता है.
पु-एर टी और डार्क टी
पु-एर टी और डार्क टी खास तरह की फर्मेंटेड चाय होती हैं. इन्हें लंबे समय तक स्टोर और एज किया जाता है, जिससे इनका स्वाद समय के साथ और गहरा होता जाता है.
ऐसे बनाया जाता है इन्हें
वहीं लैवेंडर टी, कैमोमाइल टी, हिबिस्कस टी, रूइबोस टी और पेपरमिंट टी जैसी हर्बल टी फूलों, जड़ी-बूटियों और पत्तियों को गर्म पानी में भिगोकर तैयार की जाती हैं. इनमें ज्यादातर कैफीन नहीं होता, इसलिए लोग इन्हें रिलैक्सेशन और अच्छी नींद के लिए पीना पसंद करते हैं.













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