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ग्रामीणों ने खारिज की गंदा पानी पीने की बात, पीएचई की जांच रिपोर्ट आई सामने

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ग्रामीणों ने खारिज की गंदा पानी पीने की बात, पीएचई की जांच रिपोर्ट आई सामने

एमसीबी। ग्राम पंचायत घघरा के पोडीडोल पारा में पेयजल संकट और ग्रामीणों द्वारा गंदा पानी पीने संबंधी 17 जून 2026 को  ETV  भारत के समाचार पोर्टल में प्रकाशित खबर "नाले का पानी पी रहे पंडो बस्ती के लोग, एमसीबी में सरकारी दावों का निकला दम, पीएचई विभाग के नींद से जागने का इंतजार" शीर्षक से प्रसारित की गई थी। समाचार में दावा किया गया था कि पोडीडोल पारा के ग्रामीण पेयजल संकट के कारण ढोड़ी एवं नाले का पानी पीने को मजबूर हैं।

समाचार के प्रकाशन के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जनकपुर की टीम ने 18 जून 2026 को मौके पर पहुंचकर विस्तृत जांच की। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ग्राम में विभाग द्वारा स्थापित कुल पांच हैंडपंप उपलब्ध हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्कूल परिसर में दो नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं, जिनमें से एक में रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध है और वह सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

जांच में यह भी पाया गया कि ग्राम में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सोलर आधारित जल व्यवस्था स्थापित है, जो चालू स्थिति में है तथा ग्रामीण नियमित रूप से इसका उपयोग पेयजल एवं दैनिक कार्यों के लिए कर रहे हैं। एक अन्य हैंडपंप भी पूर्ण रूप से कार्यरत पाया गया ।

निरीक्षण दल ने स्पष्ट किया कि गांव में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है तथा ग्रामीणों को पानी की किसी प्रकार की समस्या नहीं है। विभाग के अनुसार ग्रामीणों द्वारा ढोड़ी अथवा गंदा पानी पीने संबंधी खबर वास्तविक तथ्यों से परे और भ्रामक है।

स्थल निरीक्षण के दौरान ग्रामीण समय लाल, हरिलाल, शिव प्रसाद, सोनसाय, कुन्ती एवं राधाबाई सहित अन्य ग्रामीणों ने भी बताया कि गांव में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है और उन्हें पानी के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

पीएचई विभाग ने कहा है कि तथ्यात्मक सत्यापन के बिना प्रकाशित समाचारों से आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोडीडोल पारा में पेयजल आपूर्ति के पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं और ग्रामीणों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।

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