प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को 1975 में लगाए गए आपातकाल का विरोध करने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्यायों में से एक बताते हुए भारतीय संविधान पर सीधा हमला करार दिया।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला था आपातकाल
सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हम उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने भारत के इतिहास के सबसे अंधकारमय दौरों में से एक, आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़ता से रक्षा की। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय संविधान पर सीधा हमला था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित किया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया और राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। साथ ही लोकतंत्र की आधारशिला माने जाने वाले संस्थानों पर भी आघात किया गया।
नागरिकों के साहस ने लोकतंत्र की रक्षा की
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कठिन दौर ने उन अनगिनत नागरिकों के असाधारण साहस को भी सामने रखा, जिन्होंने चुप रहने से इनकार किया और संविधान में निहित आदर्शों को बनाए रखा। उन्होंने कहा कि संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है। हम सभी संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराते हैं। संविधान की भावना से प्रेरित होकर भारत न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति समर्पित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ता रहेगा।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़ा था दबाव : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आपातकाल को याद करते हुए कहा कि यह ऐसा दौर था जब लोकतांत्रिक अधिकारों और संस्थाओं पर गंभीर दबाव पड़ा था। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित किया गया, न्यायपालिका को कमजोर करने के प्रयास हुए और करोड़ों नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया।
लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराने का अवसर
राजनाथ सिंह ने कहा कि आपातकाल यह याद दिलाता है कि जब सत्ता में बैठे लोग अधिनायकवादी प्रवृत्तियां अपनाते हैं तो लोकतंत्र के लिए कितने बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन का स्मरण केवल अतीत के एक कठिन अध्याय को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र, संवैधानिक शासन व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों तथा स्वतंत्रताओं की रक्षा के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी है।
संविधान की भावना के अनुरूप कार्य कर रही सरकार
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संविधान की भावना और उसके प्रावधानों के अनुरूप कार्य करने तथा देशभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आपातकाल का विरोध करने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश उन व्यक्तियों का ऋणी है जिन्होंने उस दौर में लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए साहसपूर्वक संघर्ष किया।














