वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि भारत उच्च गुणवत्ता मानकों, नीतिगत समर्थन, कौशल विकास और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी खिलौना विनिर्माण प्रणाली का निर्माण कर रहा है। नई दिल्ली में टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, श्रीमती सीतारमण ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौते, साथ ही पीएम मुद्रा जैसी योजनाएं, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट, भारतीय खिलौना निर्माताओं को उत्पादन बढ़ाने, निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बना रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का खिलौना निर्यात 2025-26 में 186 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, और भारतीय खिलौने अब 153 देशों में बिक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2019 से खिलौना आयात में 71 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो गुणवत्ता-केंद्रित और आत्मनिर्भर विनिर्माण की सफलता को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि जहां भारत का खिलौना बाजार 2034 तक पांच अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, वहीं देश की आकांक्षा बढ़ते वैश्विक खिलौना बाजार में कहीं अधिक बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की होनी चाहिए।
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वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकारी नीतियां भारतीय खिलौना निर्माताओं को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाती हैं।















