विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), सुरक्षा और रक्षा साझेदारी और गतिशीलता ढांचे से प्रेरित भारत-ईयू साझेदारी की गति को और मजबूत करेगी।
कल ब्रुसेल्स में आयोजित तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्वाभाविक जुड़ाव है और उन्होंने विश्वास पर आधारित एक मजबूत संबंध बनाया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अब उस विश्वास को व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गहन सहयोग में बदलने के लिए काम कर रहे हैं।
डॉ. जयशंकर ने यह भी घोषणा की कि भारत और यूरोपीय संघ होराइजन यूरोप कार्यक्रम में भारत की भागीदारी के लिए बातचीत शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मानकों पर केंद्रित पहला इनोवेशन हब स्थापित करने पर सहमत हुए हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने प्रस्तावित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित बताते हुए इसे दोनों अर्थव्यवस्थाओं के सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी व्यवस्था करार दिया।
बैठक के परिणामों पर प्रकाश डालते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ नवाचार-आधारित, भरोसेमंद और भविष्य के लिए तैयार विकास साझेदारी के लिए एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद द्विपक्षीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरी है और इसने दोनों पक्षों को चर्चाओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन की दिशा में बढ़ने में मदद की है।
श्री गोयल ने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्भरता को कम करने और विश्वसनीय, लचीली और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।















