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क्यूब हाइवेज ट्रस्ट का आईपीओ लॉन्च, 3 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग


व्यापार 22 July 2026
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क्यूब हाइवेज ट्रस्ट का आईपीओ लॉन्च, 3 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली, 22 जुलाई  रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए काम करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट क्यूब हाइवेज ट्रस्ट इन्विट का 5,000 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 24 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 29 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 30 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर तीन अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर एक बजे तक ये आईपीओ सिर्फ दो प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 151 रुपये से लेकर 152 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 95 शेयर का है। आईपीओ के तहत कुल 32,89,47,368 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं। आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) को अधिकतम 75 प्रतिशत शेयर अलॉट किए जाएंगे, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) को न्यूनतम 25 प्रतिशत शेयर दिए जाएंगे। इस इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

क्यूब हाइवेज ट्रस्ट इन्विट की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 999.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 1,422.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में इसे 2,106.32 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो अगले वित्त वर्ष 2025-256 में बढ़ कर 2,922.09 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी की परिसंपत्तियां 2024-25 के 28,624.25 करोड़ रुपये बढ़ कर 2025-26 में 30,763.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गईं। हालांकि, इन दो सालों में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी इजाफा हुआ। कंपनी पर 2024-25 के अंत तक 439.96 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2025-26 में बढ़ कर 491.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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