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भारत वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर, रिकॉर्ड घरेलू यात्राओं और बेहतर बुनियादी ढांचे से मिली नई गति


व्यापार 03 August 2026
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भारत वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने की ओर अग्रसर, रिकॉर्ड घरेलू यात्राओं और बेहतर बुनियादी ढांचे से मिली नई गति

भारत तेजी से दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक विविधता, आध्यात्मिक स्थलों, योग और आयुर्वेद जैसी परंपराओं के साथ बेहतर बुनियादी ढांचे, आधुनिक कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधाओं ने देश के पर्यटन क्षेत्र को नई गति दी है। पर्यटन अब केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है।

2.9 अरब घरेलू पर्यटक यात्राओं का रिकॉर्ड

सरकार के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत में 2.9 अरब घरेलू पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, जो महामारी-पूर्व स्तर से भी अधिक हैं। वहीं, 2025 में करीब 2.02 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक भारत पहुंचे, जिससे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर देश की स्थिति और मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में पर्यटन क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान 15.73 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 5.22 प्रतिशत है। इस क्षेत्र ने 8.46 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध कराया। वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से 31.7 अरब अमेरिकी डॉलर की आय हुई।

विविधता भारत की सबसे बड़ी पर्यटन ताकत

भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है। एक ही देश में पर्यटकों को प्राचीन सभ्यताओं की विरासत, ऐतिहासिक स्मारक, धार्मिक स्थल, हिमालय की पर्वत श्रृंखलाएं, समुद्र तट, वन्यजीव अभयारण्य, पारंपरिक हस्तशिल्प, विविध व्यंजन, रंग-बिरंगे त्योहार, योग और आयुर्वेद जैसी अनूठी सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों का अनुभव मिलता है। यही विविधता भारत को वर्षभर पर्यटन के लिए आकर्षक बनाती है। देश में 44 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, 106 राष्ट्रीय उद्यान और 18 बायोस्फीयर रिजर्व हैं, जो इसकी समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा को दर्शाते हैं।

धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन का विस्तार

भारत में आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन लगातार विस्तार कर रहा है। काशी, अयोध्या, चारधाम, बोधगया, अमृतसर, तिरुपति और पुरी जैसे धार्मिक स्थल हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही बौद्ध पर्यटन सर्किट भारत को एशियाई देशों के साथ सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरकार इन स्थलों पर सड़क, रेल और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने के साथ आधुनिक सुविधाओं और पर्यटक सेवाओं का भी विस्तार कर रही है।

वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

भारत स्वास्थ्य और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के कारण बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भारत का रुख कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व, हिमालयी क्षेत्रों और जैव विविधता वाले इलाकों में इको-टूरिज्म तथा वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन पर जोर

सरकार पर्यटन को अधिक टिकाऊ और जिम्मेदार बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। ‘ट्रैवल फॉर लाइफ’ (Travel for LiFE) जैसे अभियानों के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन और जिम्मेदार यात्रा व्यवहार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, समुद्री पर्यटन और प्रकृति आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित कर पर्यटकों को पारंपरिक स्थलों से आगे नए पर्यटन केंद्रों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भीड़ का दबाव कम करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन विकास के साथ विरासत और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य

सरकार का मानना है कि भारत का पर्यटन क्षेत्र केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। लक्ष्य ऐसा पर्यटन तंत्र विकसित करना है, जो आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को भी सुनिश्चित करे। इसके लिए पर्यटन स्थलों के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं, कौशल विकास और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं पर लगातार निवेश किया जा रहा है।

रोजगार, निवेश और समावेशी विकास की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन क्षेत्र में विकास की यही गति बनी रही तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल दुनिया के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार, निवेश और समावेशी आर्थिक विकास का वैश्विक उदाहरण भी बन सकता है। सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का संगम भारत को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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