Breaking News

नई दिल्ली ने कोलंबो से आग्रह किया है कि वह श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय मछुआरों की शीघ्र रिहाई में सहयोग करे।


विदेश 06 August 2026
post

नई दिल्ली ने कोलंबो से आग्रह किया है कि वह श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय मछुआरों की शीघ्र रिहाई में सहयोग करे।

भारत ने श्रीलंका से आग्रह किया है कि वह अपने अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय मछुआरों और उनकी नौकाओं की शीघ्र रिहाई में सहयोग करे, साथ ही यह भी दोहराया है कि इस लंबे समय से लंबित मुद्दे के समाधान में मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। कोलंबो की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी की श्रीलंकाई नेतृत्व के साथ हुई चर्चा में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।

 

श्री मिसरी कल एक दिवसीय दौरे पर कोलंबो पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरासुरिया, विदेश मंत्री विजयथा हेरथ और विदेश सचिव अरुणी रणराजा से अलग-अलग बैठकें कीं। वार्ता के दौरान, श्री मिसरी ने मछुआरों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और द्वीप राष्ट्र में हिरासत में लिए गए मछुआरों और नौकाओं की शीघ्र रिहाई के लिए श्रीलंका से सहयोग का अनुरोध किया। मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के संबंधों में एक विवादास्पद विषय है, जिसमें श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों द्वारा पाक जलडमरूमध्य में भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी करने और श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने की कई कथित घटनाओं में उनकी नौकाओं को जब्त करने तक की घटनाएं शामिल हैं।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने विशेष रूप से उन भारतीय मछुआरों की स्थिति का मुद्दा उठाया, जिन्हें श्रीलंकाई अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। भारत ने श्रीलंका से अनुरोध किया कि हिरासत में लिए गए मछुआरों और उनकी जब्त नौकाओं की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने में सहयोग किया जाए। भारत का कहना है कि मछुआरों से जुड़े मामलों को मानवीय आधार पर देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह विषय दोनों देशों के तटीय इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों की आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। मछुआरों की गिरफ्तारी, नौकाओं की जब्ती और समुद्री सीमा के उल्लंघन से जुड़े मामले समय-समय पर भारत-श्रीलंका संबंधों में तनाव का कारण बनते रहे हैं।

पाक जलडमरूमध्य और इसके आसपास के समुद्री क्षेत्र में भारतीय मछुआरों और श्रीलंकाई अधिकारियों के बीच टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं। भारत की ओर से कई बार श्रीलंकाई नौसेना द्वारा भारतीय मछुआरों के खिलाफ कार्रवाई, हिरासत और नौकाओं की जब्ती को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। वहीं, श्रीलंका अपनी समुद्री सीमा और मत्स्य संसाधनों की सुरक्षा का हवाला देता रहा है। ऐसे में दोनों देशों के लिए यह चुनौती बनी हुई है कि मछुआरों की आजीविका, समुद्री सुरक्षा और दोनों देशों की संप्रभुता से जुड़े हितों के बीच संतुलन कायम किया जाए। भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि विवादों का समाधान बातचीत, सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण के जरिए किया जाना चाहिए। विदेश सचिव की कोलंबो यात्रा में इस मुद्दे को प्रमुखता मिलना इस बात का संकेत है कि भारत इस लंबे समय से लंबित विषय का व्यावहारिक और संवेदनशील समाधान चाहता है।


You might also like!


Channel not found or invalid API Key.