सोशल
मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा (Meta) को लेकर एक रिपोर्ट में बड़ा दावा किया
गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के प्लेटफॉर्म फेसबुक और
इंस्टाग्राम पर चलने वाले कथित स्कैम विज्ञापनों से हर साल अरबों डॉलर का राजस्व
मिलने का अनुमान है।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि
फर्जी निवेश योजनाओं, नकली उत्पादों और धोखाधड़ी वाले
विज्ञापनों की मौजूदगी के बावजूद ऐसे विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते रहते हैं।
स्कैम
विज्ञापनों से जुड़ा बड़ा दावा रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन ठगी करने वाले
लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल यूजर्स को निशाना बनाने के लिए करते हैं।
इनमें— नकली निवेश योजनाएं, फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग ऑफर, लॉटरी और इनाम के झांसे, फर्जी लोन और वित्तीय
सेवाएं जैसे विज्ञापन शामिल हो सकते हैं। मेटा पर उठे सवाल रिपोर्ट के बाद मेटा की
विज्ञापन निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। आलोचकों का कहना है कि बड़ी टेक
कंपनियों को ऐसे विज्ञापनों की पहचान और रोकथाम के लिए और मजबूत कदम उठाने चाहिए।
कंपनी का पक्ष मेटा पहले भी कहती रही है
कि वह धोखाधड़ी वाले कंटेंट और विज्ञापनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती है।
कंपनी के अनुसार, वह
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने
और हटाने का काम करती है। यूजर्स के लिए बढ़ा खतरा सोशल मीडिया पर बढ़ते स्कैम
विज्ञापन आम यूजर्स के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी
भी निवेश, खरीदारी या वित्तीय ऑफर पर भरोसा करने से पहले
उसकी सत्यता जांचना जरूरी है।
ऑनलाइन
फ्रॉड से कैसे बचें?
अनजान
विज्ञापनों पर तुरंत क्लिक न करें। निवेश से जुड़े बड़े वादों से सावधान रहें।
बैंक या निजी जानकारी साझा न करें। ऑफर देने वाली कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट
जांचें। संदिग्ध विज्ञापन की रिपोर्ट करें।















