रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाज़ार, ब्रिक्स वेव्स बाज़ार, जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि एक साथ आए हैं, आज मुंबई में शुरू हुआ। महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार और अन्य लोगों ने दीप प्रज्वलित करके दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बोलते हुए महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि आज भारत विश्व में विश्वगुरु के रूप में अपना उचित स्थान पुनः प्राप्त कर रहा है और संतरा अर्थव्यवस्था इस यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। उन्होंने ब्रिक्स वेव्स बाज़ार को एक ऐसा मंच बताया जहाँ विचार सीमाओं से परे जाकर ठोस साझेदारियों में परिवर्तित होते हैं। उन्होंने कहा कि कला और प्रौद्योगिकी के बीच की सीमाएँ मिट रही हैं, जिससे वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था का भविष्य आकार ले रहा है। उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करने का आग्रह किया।
सभा को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि रचनात्मक क्षेत्र को केवल संवाद तक सीमित न रहकर सहयोग पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स वेव्स बाज़ार में 20 देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं और दो दिनों में 80 से अधिक चुनिंदा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एमईआर-III) राजीव बोडवाडे; सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सेंथिल राजन; इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) के फेस्टिवल डायरेक्टर और जाने-माने फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर; और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएफडीसी) के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश मगदुम, उद्योग जगत के नेताओं, रचनाकारों, सहयोगियों और विभिन्न हितधारकों के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में कई पैनल चर्चाएं, प्रस्तुतियां, भ्रमण, क्रिएटर्स हब, एक बी2बी जोन, बंद दरवाजों के पीछे बैठकें और संतरे की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अन्य पहलें शामिल होंगी।















