बिहार में, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में लगभग 500 बूथ स्तरीय अधिकारियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाना था।
इस कार्यक्रम के बाद, मुख्य चुनाव आयुक्त पटना से चुनाव साक्षरता क्लब (ईएलसी 2.0) का शुभारंभ करेंगे। इस पहल को चुनावी साक्षरता, डिजिटल भागीदारी और लोकतंत्र में सार्थक नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है। बदलते डिजिटल परिवेश में मतदाताओं को चुनाव संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना, विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को जागरूक करना, लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाए रखना तथा पात्र नागरिकों को मतदान से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी देना भी चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
राजगीर में कार्यक्रम के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त पटना से चुनाव साक्षरता क्लब यानी ईएलसी 2.0 का शुभारंभ करेंगे। यह पहल चुनावी साक्षरता को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों के जरिए नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने पर केंद्रित मानी जा रही है। ईएलसी 2.0 के माध्यम से नागरिकों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को उनके मतदान अधिकार, चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक संस्थाओं और जिम्मेदार नागरिक सहभागिता के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
आज के समय में लोकतंत्र केवल मतदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों की सूचित और सार्थक भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। चुनावी साक्षरता नागरिकों को सही जानकारी के आधार पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने में सक्षम बनाती है। इस दृष्टि से बिहार में ईएलसी 2.0 की शुरुआत चुनावी जागरूकता और डिजिटल भागीदारी को नई दिशा दे सकती है। बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ संवाद और चुनावी साक्षरता क्लब जैसी पहल मिलकर चुनाव प्रक्रिया को अधिक सहभागी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।















