वित्त मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ऋण वितरण में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के प्राथमिकता क्षेत्र ऋण ढांचे के तहत आरआरबी का प्रदर्शन वर्ष के दौरान मजबूत बना रहा। हालांकि, आरआरबी के सकल बकाया ऋण वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 5 लाख 24 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 5 लाख 78 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गए, जो 10.3 प्रतिशत की वृद्धि है।
मंत्रालय ने कहा कि कृषि और संबद्ध गतिविधियां आरआरबी के ऋण पोर्टफोलियो का सबसे बड़ा घटक बनी हुई हैं, जिसमें 3.78 लाख करोड़ रुपये का बकाया ऋण कुल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का 77 प्रतिशत है।
एमएसएमई क्षेत्र को दिया गया ऋण लगभग 67 हजार करोड़ रुपये रहा, जो ग्रामीण उद्यमशीलता और रोजगार सृजन में आरआरबी की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करता है।
मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान आरआरबी के वित्तीय प्रदर्शन से ग्रामीण ऋण में निरंतर विस्तार, राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के साथ मजबूत तालमेल और किसानों, सूक्ष्म उद्यमों और अन्य वंचित वर्गों को निरंतर समर्थन मिलने की बात स्पष्ट होती है।















