रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने आर्मेनिया का अपना दो दिवसीय दौरा पूरा कर लिया है। इस दौरान उन्होंने आर्मेनिया के उप रक्षा मंत्री करेन ब्रुट्यान और प्रथम उप रक्षा मंत्री एवं चीफ ऑफ जनरल स्टाफ एडवर्ड अस्रयान के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चर्चा में चल रहे रक्षा और सैन्य तकनीकी सहयोग के सभी पहलुओं को शामिल किया गया, जिसमें क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, सैन्य तकनीकी सहयोग और रक्षा अनुसंधान एवं विकास पर विशेष जोर दिया गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने भारतीय और अर्मेनियाई सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त सेवा स्टाफ वार्ता को संस्थागत रूप देने के लिए संदर्भ शर्तों का आदान-प्रदान किया।
इस यात्रा के दौरान, रक्षा सचिव ने आर्मेनिया के उच्च-तकनीकी उद्योग मंत्री डेविड ट्रेडेवोस्यान से मुलाकात की और रक्षा अनुसंधान एवं विकास से संबंधित प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। इसी यात्रा के साथ, संयुक्त सहयोग, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों रक्षा मंत्रालयों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मंत्रालय ने बताया कि श्री सिंह ने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री सुरेन पापीक्यान से भी मुलाकात की। बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और सैन्य तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के नए रास्तों पर चर्चा की।
रक्षा सचिव ने येरेवन में आर्मेनिया के उप विदेश मंत्री म्नात्सकान सफार्यान के साथ एक सार्थक बैठक की। चर्चा का मुख्य केंद्र भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा साझेदारी का विस्तार करना था।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि आर्मेनिया द्वारा रक्षा खरीद में विविधता लाने के प्रयासों के चलते भारत सैन्य तकनीकी सहयोग में एक प्रमुख भागीदार के रूप में उभरा है। मंत्रालय ने आगे कहा कि इस यात्रा से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भारत और आर्मेनिया के बीच विचारों की बढ़ती समानता प्रदर्शित होती है।















