केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस कार्य समिति के 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ के बजाय केवल दो श्लोक गाने के निर्णय की आलोचना की है।
मीडिया से बात करते हुए श्री शाह ने कहा कि यह निर्णय संसद द्वारा पारित कानून का खुला उल्लंघन है और राष्ट्रविरोधी है। श्री शाह ने दावा किया कि 1937 में कांग्रेस ने तुष्टीकरण के नाम पर 'वंदे मातरम' को दो भागों में विभाजित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक गलती को सुधारते हुए गीत को पूर्ण कानूनी मान्यता दी। श्री शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर वोट बैंक की राजनीति के लिए तुष्टीकरण के रास्ते पर चल रही है।
उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर कांग्रेस द्वारा अपनाई जा रही इस तुष्टीकरण नीति के खिलाफ आवाज उठाने की अपील भी की।















