8वें
वेतन आयोग लागू होने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार के 'ऑर्गेनाइज्ड
ग्रुप ए सर्विसेज' (OGAS) के अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी
सामने आई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नए आदेश
के अनुसार, अब इन अधिकारियों को बिना किसी नियमित पदोन्नति
(प्रमोशन) के भी सीधे उच्च पे-लेवल (Pay Level) का आर्थिक
लाभ दिया जाएगा। क्या है 'नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन'
(NFU) व्यवस्था? सरकारी सेवाओं में आमतौर पर
पदोन्नति होने पर ही वेतन और पे-लेवल बढ़ता है।
लेकिन पद खाली न होने या प्रशासनिक देरी
के कारण कई योग्य अधिकारियों को समय पर प्रमोशन नहीं मिल पाता। इस समस्या से
निपटने के लिए सरकार 'नॉन-फंक्शनल
अपग्रेडेशन' (NFU) नियम का इस्तेमाल करती है। कैसे काम करता
है नियम: यदि किसी IAS बैच का कोई अधिकारी केंद्र में जॉइंट
सेक्रेटरी या उच्च पद पर प्रमोट होता है, तो उसी बैच के अन्य
'ग्रुप ए' अधिकारियों (जिन्हें
पदोन्नति नहीं मिली है) को भी स्वतः ही वही उच्च पे-स्केल दे दिया जाता है।
पद वही, सैलरी उच्च स्तर की: इसमें
अधिकारी का पद (Designation) और अधिकार नहीं बदलते, लेकिन उनकी सैलरी और पे-मैट्रिक्स लेवल उच्च पद के बराबर हो जाता है। 8वें वेतन आयोग में मिलेगा डबल फायदा यह आर्थिक अपग्रेडेशन 8वें वेतन आयोग के लागू होने से ठीक पहले अधिकारियों के मूल वेतन (Basic
Pay) में बड़ा इजाफा करेगा। जब 8वें वेतन आयोग
का नया फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू होगा, तो उनकी बढ़ी हुई बेसिक पे के आधार पर नई सैलरी तय होगी, जिससे उन्हें दोहरे वेतन लाभ का सीधा फायदा मिलेगा। इस लाभ को पाने के लिए
अधिकारियों को अपने मौजूदा ग्रेड में निश्चित सेवा अवधि (Residency Period)
पूरी करनी होगी और उनका सर्विस रिकॉर्ड (APAR/ACR) पदोन्नति के मानकों के अनुकूल होना अनिवार्य है।















