दूरसंचार विभाग ने आज बताया कि ब्रिक्स आईसीटी ट्रैक बैठक के दौरान भारत और ब्राजील ने दूरसंचार और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में सहयोग को गहरा करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
दूरसंचार विभाग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देगा, डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को प्रोत्साहित करेगा। पुणे में आयोजित 12वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और ब्राजील के संचार मंत्री श्री फ्रेडरिको डी सिकेरा फिल्हो ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने एक पोस्ट में कहा कि यह समझौता ज्ञापन सार्वभौमिक कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, उभरती प्रौद्योगिकियों, क्षमता निर्माण और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करेगा। उन्होंने इस समझौते को सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भविष्य के लिए भारत-ब्राजील सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम बताया।
यह समझौता ज्ञापन दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों में सुनियोजित सहयोग के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। यह समझौता इस वर्ष की शुरुआत में दोनों मंत्रियों के बीच दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना में भारत-ब्राजील सहयोग को मजबूत करने पर हुई चर्चाओं के बाद हुआ है। इस साझेदारी का उद्देश्य दोनों देशों में एक समावेशी, सुरक्षित और लचीला डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
इससे ज्ञान, विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान में सुविधा होगी, साथ ही अनुसंधान, नवाचार और नई पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियों के विकास में सहयोग को प्रोत्साहन मिलेगा। भारत और ब्राजील ने अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार और प्रौद्योगिकी मंचों में सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर भी बल दिया है।
यह समझौता 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि डिजिटल परिवर्तन, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और समावेशी कनेक्टिविटी ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में उभर रहे हैं। भारत सदस्य देशों के बीच डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार मानकों में अधिक सहयोग की वकालत करता रहा है।
भारत-ब्राजील समझौता दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का भी हिस्सा है, जिसमें व्यापार और निवेश, कृषि, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, डिजिटल सहयोग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।















