नेपाल की भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ को लेकर गहरी चिंता जताते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि लापता भारतीय नागरिकों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए भारत नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
राष्ट्रीय राहत टीमें सक्रिय, खोज-बचाव अभियान जारी
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, “नेपाल में अचानक नदी में बाढ़ आने की खबरें आ रही हैं। कई लोगों की जान चली गई है और बहुत से लोग लापता हैं। इनमें भारत के करीब 130 से 133 नागरिक शामिल हैं, जिनसे संपर्क टूट गया है। हमारी राष्ट्रीय राहत टीमें मौके पर मौजूद हैं और खोज तथा बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं। हम नेपाल सरकार के सहयोग से ज्यादा से ज्यादा लोगों को खोजकर सुरक्षित स्थान पर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।”
इसी के साथ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रभावित इलाकों में मदद पहुंचना शुरू हो गई है। नेपाल भारत का मित्र देश है और दोनों समाजों में बहुत कम अंतर है। दोनों देशों के बीच हमेशा भाईचारा रहा है, इसलिए भारत हर जरूरी सहायता देने की जिम्मेदारी निभा रहा है।
भारतीय दूतावास ने सौंपी 10 टन सहायता सामग्री
नेपाल में भारतीय दूतावास ने आपदा के बीच महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने भारत की ओर से 10 टन मानवीय सहायता सामग्री संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड़का राज पौडेल को सौंपी। दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “हमेशा नेपाल के साथ। यह सहायता भयानक बाढ़ के बाद राहत कार्यों में मदद करेगी। भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।”
https://x.com/IndiaInNepal/status/2092784793197150502?s=20
बाढ़ कैसे आई और कितना नुकसान
यह आपदा तब हुई जब एक हिमस्खलन ने भोटेकोशी की सहायक नदी ल्हेन्डे के बहाव को रोक दिया। चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके में अचानक पानी का तेज बहाव स्याफ्रुबेसी की तरफ बढ़ गया। इस घटना में कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षाकर्मी और विदेशी पर्यटक सहित कई लोग लापता हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा इलाके में लापता बताए गए विदेशी नागरिकों में करीब 105 भारतीय शामिल हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया है कि 391 विदेशियों और 44 सुरक्षाकर्मियों सहित सैकड़ों लोग लापता हो गए हैं। तीन जिलों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। नौ जलविद्युत परियोजनाएं, नौ कमर्शियल बैंक शाखाएं, 19 मोटर-योग्य पुल और करीब 40 किलोमीटर लंबा हाईवे बह गया है।
पीएम मोदी ने व्यक्त की संवेदना
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और इस मुश्किल समय में नेपाल के भाइयों-बहनों के साथ मजबूती से खड़ा है। दोनों देशों की टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का अपडेट
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर बताया कि भारत की एचएडीआर और चिकित्सा सहायता काठमांडू पहुंच गई है। राहत कार्यों में मदद के लिए और सहायता जुटाई जा रही है। भारत लगातार नेपाल के साथ खड़ा है और बचाव-राहत अभियान तेज गति से जारी है।















