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सुबह-सुबह शरीर में अकड़न क्यों रहती है?


सेहत/स्वाद 02 September 2026
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सुबह-सुबह शरीर में अकड़न क्यों रहती है?

सुबह-सुबह बिस्तर से उठते समय शरीर में जकड़न या अकड़न महसूस होना एक बहुत ही आम समस्या है, जो दिन की शुरुआत को काफी थका देने वाला बना सकती है। रातभर सोने के बाद जब हम सुबह जागते हैं, तो मांसपेशियां और जोड़ लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने के कारण थोड़े सख्त हो जाते हैं। हालांकि यह कुछ ही मिनटों में सामान्य हो जाता है, लेकिन अगर यह समस्या रोज बनी रहे, तो इसके पीछे शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कई कारण हो सकते हैं।

इस समस्या का सबसे प्रमुख कारण गलत तरीके से सोना या ऐसा गद्दे और तकिए का इस्तेमाल करना है जो रीढ़ की हड्डी को सही सपोर्ट नहीं देते। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से भी सुबह मांसपेशियों में ऐंठन और अकड़न बढ़ जाती है। शारीरिक सक्रियता की कमी, दिनभर गलत पॉश्चर में बैठकर काम करना, और सर्दियों के मौसम में ठंडक के कारण जोड़ों का कड़ा हो जाना भी इसके मुख्य कारणों में शामिल है। कुछ मामलों में, यह समस्या रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) या फाइब्रोमायल्जिया जैसी सूजन से जुड़ी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है, जिसमें सुबह के वक्त जोड़ों में लंबे समय तक जकड़न बनी रहती है।

इस परेशानी से छुटकारा पाने और सुबह की शुरुआत तरोताजा करने के लिए कुछ आसान उपायों को अपनाया जा सकता है। रात को सोने से पहले हल्का गुनगुना पानी पीएं और सुबह उठते ही बिस्तर पर लेटे-लेटे या बैठकर हल्की स्ट्रेचिंग करें, जिससे मांसपेशियों का लचीलापन वापस आए। अपने सोने के बिस्तर और गद्दे की जांच करें कि वह आरामदायक है या नहीं। इसके अलावा, अपने आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन डी से भरपूर चीजों को शामिल करें, और दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। यदि यह अकड़न आधे घंटे से ज्यादा बनी रहती है और जोड़ों में दर्द या सूजन भी महसूस होती है, तो किसी डॉक्टर से मिलकर उचित जांच जरूर करवाएं।

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