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स्टॉक मार्केट में क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस की जबरदस्त शुरुआत, बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक


व्यापार 03 September 2026
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स्टॉक मार्केट में क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस की जबरदस्त शुरुआत, बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 03 सितंबर फॉरेंसिक साइंस, एविडेंस मैनेजमेंट, साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक्स, डीएनए फॉरेंसिक्स तथा कानून व प्रवर्तन से जुड़े सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार बढ़त के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 90 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 60.67 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 150 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण ये शेयर लुढ़क कर 142.50 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर लोअर सर्किट ब्रेक कर दिया। लगातार हो रही लिवाली के कारण कुछ देर बाद ही ये शेयर 157.50 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 67.50 रुपये यानी 75 प्रतिशत का फायदा हो गया। इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 1,600 शेयर का एक लॉट तय किया था। इस तरह कंपनी के आईपीओ निवेशकों को आज प्रति लॉट 1.08 लाख रुपये का बंपर मुनाफा हो गया।

इस कंपनी का 50.77 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 31 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जोरदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 289 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 224.32 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 318.53 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 313.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 56,41,600 शेयर बेचे गए हैं। इनमें लगभग लगभग 42 करोड़ रुपये के 45,61,600 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि करीब 10 करोड़ रुपये के 10,80,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं।आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.83 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 13.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 30.26 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 65.08 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 105.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.24 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा बढ़ कर 3.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ पूरी तरह से खत्म हो गया। मतलब कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त हो गई।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 9.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 27.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 41.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 25.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 24.53 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 12.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 19.06 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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