केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पणजी, गोवा में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद (Western Zonal Council) की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के प्रशासक प्रफुल पटेल सहित केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यह भारत का सबसे बड़ा आर्थिक, औद्योगिक और वित्तीय केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से कई प्रशासनिक सुधारों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने का काम किया गया है।
‘WEST Engine’ है पश्चिमी क्षेत्र
अमित शाह ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का ‘WEST Engine’ कहा जा सकता है। इसमें W यानी Wealth और Finance, E यानी Exports और Ports, S यानी Start-ups और Semiconductors तथा T यानी Tourism और Blue Economy शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में पश्चिमी क्षेत्र की देश में बड़ी हिस्सेदारी है। गोवा में हर साल एक करोड़ से अधिक पर्यटक आते हैं, जिनमें करीब 5 लाख विदेशी पर्यटक हैं। पर्यटन गोवा के GSDP में 16 प्रतिशत का योगदान देता है।
महाराष्ट्र देश में सबसे अधिक 33,872 स्टार्टअप वाला राज्य है। गुजरात का धोलेरा सेमीकंडक्टर क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। गुजरात का मुंद्रा पोर्ट सबसे अधिक कार्गो संभालता है, जबकि दीनदयाल पोर्ट भी देश के प्रमुख बड़े बंदरगाहों में शामिल है। वहीं, मुंबई देश की वित्तीय राजधानी होने के साथ वैश्विक पूंजी के बड़े केंद्र के रूप में भी उभर रहा है।
2014 के बाद क्षेत्रीय परिषदों की बैठकों में करीब तीन गुना बढ़ोतरी
अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान में दिए गए सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के प्रावधान को मजबूत करने की दिशा में काम किया है।
उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के बीच क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की कुल 25 बैठकें हुई थीं। वहीं, 2014 के बाद अब तक 71 बैठकें हो चुकी हैं। यानी बैठकों की संख्या में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी के ‘Team India’ के विचार का अच्छा उदाहरण बताया। इन बैठकों में कुल 1,893 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 1,445 मुद्दों का समाधान किया जा चुका है।
विवादों के समाधान से योजनाओं की निगरानी तक पहुंचीं क्षेत्रीय परिषदें
अमित शाह ने कहा कि क्षेत्रीय परिषदें अब केवल राज्यों के बीच विवादों के समाधान का मंच नहीं रह गई हैं, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन गई हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र के राज्यों के बीच अब कोई विवाद नहीं है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से नदियों से जुड़े राज्यों के बीच कई विवादों का समाधान भी किया गया है।
बैठक में बच्चों में कुपोषण, कम वजन और अवरुद्ध विकास (stunting), आधार की पहुंच और आयुष्मान भारत कार्ड के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे मुद्दों की भी निगरानी की जा रही है।
नए न्याय संहिताओं और ड्रग्स के खिलाफ अभियान पर जोर
गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र को नई न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन और देश में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कंप्यूटरीकरण में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। महाराष्ट्र में PACS के कंप्यूटरीकरण की दर 98 प्रतिशत और गुजरात में 92 प्रतिशत बताई गई।
अमित शाह ने राज्यों से बनास डेयरी द्वारा विकसित गोबरधन मॉडल को अपनाने की भी अपील की।
साइबर अपराध और सहकारी बैंकों पर विशेष ध्यान
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी PRAGATI के माध्यम से साइबर अपराध के खिलाफ रणनीति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने राज्यों के सभी अर्बन कोऑपरेटिव बैंकों को CFCFRS से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने सहकारी बैंकों को MuleHunter AI के साथ जोड़ने और सभी सहकारी बैंकों को I4C से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में गृह मंत्रालय तटीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गंभीरता से काम करेगा।
ग्रीन एनर्जी और डेटा सेंटर नीति का लाभ उठाने की अपील
गृह मंत्री ने कहा कि पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद के चारों सदस्य देश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी अग्रणी हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने डेटा सेंटर के लिए आकर्षक नीति तैयार की है और राज्यों को इसका अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषदें विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं।
बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
28वीं पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सदस्य राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें महिलाओं और बच्चों के साथ दुष्कर्म के मामलों की तेज जांच और जल्द निपटारे के लिए Fast Track Special Courts, ERSS-112, खाद्य सुरक्षा मानक, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, हर गांव में निर्धारित दूरी के भीतर बैंकिंग सुविधाएं, रेलवे विकास परियोजनाएं और पर्यावरणीय मंजूरियों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
इसके अलावा शहरी मास्टर प्लान, बिजली आपूर्ति, PACS को मजबूत करना, पोषण अभियान के जरिए बच्चों में कुपोषण खत्म करना, स्कूली बच्चों के ड्रॉपआउट रेट को कम करना, सरकारी अस्पतालों की आयुष्मान भारत योजना में भागीदारी और साइबर अपराध तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।















