भारत में हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सिर्फ पायलट प्रोजेक्ट तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक कामकाज में इस्तेमाल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, AI का इस्तेमाल खास तौर पर ऐसे कामों में बढ़ रहा है, जिनसे डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ का प्रशासनिक बोझ कम हो सकता है।
Bain & Company और HealthQuad की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी पहल, Electronic Medical Record (EMR) का बढ़ता इस्तेमाल, निजी निवेश, तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप इकोसिस्टम और डॉक्टरों की बढ़ती स्वीकार्यता भारत में हेल्थकेयर AI के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहे हैं।
हालांकि, ज्यादातर हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अभी भी AI का इस्तेमाल नियंत्रित परीक्षणों के स्तर पर कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल फिलहाल कुछ operational workflows तक ही सीमित है।
भारत में EMR adoption अभी कम
भारत में Electronic Medical Record (EMR) को अपनाने की दर करीब 35 फीसदी है, जो अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में काफी कम है। EMR का इस्तेमाल मुख्य रूप से बड़े शहरी अस्पताल समूहों में ज्यादा है, जबकि छोटे और मध्यम आकार के अस्पतालों में अब भी कागजी रिकॉर्ड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
भारत में Adaptive और Autonomous Clinical AI के लिए regulatory framework भी अभी विकसित हो रहा है। इसमें जवाबदेही, डेटा गवर्नेंस और clinical validation जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास AI के क्षेत्र में मजबूत प्रतिभा और क्षमताएं हैं, लेकिन इस क्षेत्र का काफी टैलेंट फिलहाल वैश्विक बाजारों के लिए काम कर रहा है।
भारतीय स्टार्टअप मरीजों की पूरी healthcare journey के लिए AI आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं। इनमें इलाज से पहले की सेवाएं और healthcare access, diagnostics, अस्पताल में इलाज और discharge के बाद की देखभाल शामिल हैं।
Bain & Company की भारत में Healthcare & Life Sciences Practice के प्रमुख ध्रुव सुखरानी ने कहा कि भारतीय हेल्थकेयर में AI adoption अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके बड़े पैमाने पर विस्तार के लिए जरूरी परिस्थितियां तेजी से मजबूत हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि तकनीक में काफी प्रगति हुई है। अब बड़ी चुनौती यह है कि हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स अपने workflows को कैसे नए तरीके से तैयार करते हैं, बदलाव को कैसे manage करते हैं और डॉक्टरों तथा नर्सों के बीच AI को लेकर भरोसा कैसे विकसित करते हैं।
AI मॉडल की लागत में 92 फीसदी कमी
रिपोर्ट के अनुसार, Frontier AI models ने कुछ नियंत्रित clinical reasoning tests में pre-licensed medical professionals के बराबर या उनसे बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं, इन advanced AI models की पहुंच भी बढ़ रही है। 2023 के बाद से Frontier AI models की लागत में करीब 92 फीसदी की कमी आई है।
रिपोर्ट में Remote Patient Monitoring, Operating Theatre, ICU Optimization और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद Chronic Disease Management जैसे क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल की बड़ी संभावनाएं बताई गई हैं।















