Breaking News

पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट, अमेरिकी कंपनियों की गैर-मौजूदगी चर्चा में


विज्ञान 09 September 2026
post

पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट, अमेरिकी कंपनियों की गैर-मौजूदगी चर्चा में

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों यूरोप को अंतरिक्ष क्षेत्र में मजबूत भूमिका दिलाने की कोशिशों के तहत पेरिस में अंतरराष्ट्रीय स्पेस समिट की मेजबानी कर रहे हैं। हालांकि, इस सम्मेलन में अमेरिका की प्रमुख स्पेस कंपनियों की गैर-मौजूदगी और कई यूरोपीय नेताओं के शामिल न होने से इसकी चमक कुछ फीकी पड़ी है।

इंटरनेशनल स्पेस समिट 9 और 10 सितंबर को आयोजित हो रहा है। इसमें अमेरिका और चीन समेत करीब 120 देशों के नीति-निर्माताओं, कंपनियों और वैज्ञानिकों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन का उद्देश्य अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और इसके नियमन को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा करना है।

अमेरिकी कंपनियों की गैर-मौजूदगी से असर

सम्मेलन से पहले व्हाइट हाउस की चिंताओं के कारण चार अमेरिकी स्पेस कंपनियों ने इसमें शामिल होने से पीछे हटने का फैसला किया। इनमें एलन मस्क की SpaceX और जेफ़ बेज़ोस की Blue Origin भी शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन को सम्मेलन के एजेंडे में यूरोप के पक्ष में झुकाव की आशंका थी। कंपनियों के हटने से कुछ प्रस्तावित घोषणाएं भी रद्द हो गईं।

जर्मनी, जो इस सम्मेलन का आधिकारिक सह-अध्यक्ष है, ने भी कहा कि चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अन्य व्यस्तताओं के कारण इसमें शामिल नहीं होंगे। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भी सम्मेलन में नहीं आएंगी।

फ्रांस लंबे समय से अंतरिक्ष क्षेत्र में यूरोप की रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ाने की वकालत करता रहा है। वहीं, जर्मनी SpaceX जैसी अमेरिकी कंपनियों से दूरी बनाने को लेकर उतना इच्छुक नहीं दिखता। SpaceX मौजूदा लॉन्च बाजार में प्रमुख स्थिति रखती है।

फ्रांस और जर्मनी के बीच यूरोप के सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर भी अलग-अलग रुख है। मैक्रों यूरोपीय संघ के IRIS² सुरक्षित सैटेलाइट नेटवर्क का समर्थन कर रहे हैं, जबकि जर्मनी अपने अलग सुरक्षित नेटवर्क की योजना बना रहा है।

घोषणाओं और कॉमर्शियल डील पर नजर

आयोजकों ने सम्मेलन में कम उपस्थिति की चिंताओं को कम करके बताया है। उनके मुताबिक, पेरिस के ऐतिहासिक Grand Palais में करीब 2,000 प्रतिनिधि शामिल होंगे और अमेरिकी कंपनियों की भी कुछ भागीदारी रहेगी।

यह सम्मेलन किसी औपचारिक राजनीतिक फैसले के लिए नहीं है। हालांकि, फ्रांस अंतरिक्ष यातायात, अंतरिक्ष तक पहुंच और वहां काम करने के लिए जरूरी सीमित रेडियो फ्रीक्वेंसी जैसे मुद्दों पर व्यापक घोषणाएं हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गुरुवार को नीतिगत भाषण देंगी। चीन के भी सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा, सम्मेलन में कई कॉमर्शियल घोषणाएं और कारोबारी समझौते सामने आ सकते हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि इससे सम्मेलन की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी।

यूरोप के लिए अंतरिक्ष में आत्मनिर्भरता बड़ी चुनौती

फ्रांस ऐतिहासिक रूप से यूरोप की प्रमुख अंतरिक्ष शक्तियों में रहा है, लेकिन अब जर्मनी यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) में सबसे बड़ा योगदान देने वाला देश बन चुका है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के महानिदेशक जोसेफ एशबाकर के अनुसार, यूरोप अंतरिक्ष में अमेरिका की तुलना में करीब पांच गुना कम निवेश करता है।

ESA ऐसे प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिनका उद्देश्य यूरोप की अंतरिक्ष यात्राओं और सैटेलाइट लॉन्च के लिए अमेरिकी रॉकेटों पर निर्भरता कम करना है। सम्मेलन में अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.