मिजोरम के सैतुअल जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन- के ‘मोबिलाइजेशन एड्स सुरक्षा’ अभियान के तहत ‘सुरक्षित’ का दर्जा हासिल किया है। इसके साथ ही सैतुअल, मिजोरम का ऐसा पहला और एकमात्र जिला बन गया है, जिसने एचआईवी से जुड़े 95-95-95 के तीनों लक्ष्य हासिल किए हैं।
इन लक्ष्यों के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे अनुमानित 95 प्रतिशत लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति की जानकारी, संक्रमित लोगों में से 95 प्रतिशत को एंटीरेट्रोवायरल उपचार और उपचार ले रहे लोगों में से 95 प्रतिशत में वायरल लोड को नियंत्रित करना सुनिश्चित किया जाता है।
अभियान के अंतर्गत जिलों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर चार श्रेणियों में रखा जाता है। तीनों लक्ष्य हासिल करने वाले जिलों को ‘सुरक्षित’ श्रेणी में रखा जाता है, जबकि मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण को पूरी तरह रोकने वाले जिले ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणी में आते हैं।
सैतुअल की इस उपलब्धि का श्रेय सामुदायिक नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों और चर्चों के सहयोग को दिया गया है। अधिकारियों ने एचआईवी की जांच को बड़े स्तर पर जारी रखने और संक्रमित लोगों से नियमित रूप से एंटीरेट्रोवायरल दवा लेते रहने की अपील की है।















