Breaking News

ग्रीन पार्क कॉलोनी का लाइसेंस निरस्त,ईडब्ल्यूएस भूमि में पाई गई अनियमितता


छत्तीसगढ़ 09 September 2026
post

ग्रीन पार्क कॉलोनी का लाइसेंस निरस्त,ईडब्ल्यूएस भूमि में पाई गई अनियमितता

रायगढ़ , 09 सितंबर।आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित भूमि के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर जिला प्रशासन ने ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी के विकासकर्ता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर की गई जांच में ईडब्ल्यूएस भूमि के संबंध में नियमों का पालन नहीं किए जाने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति सामने आने पर कॉलोनी विकासकर्ता अभिषेक अग्रवाल का कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण कल निरस्त कर दिया गया है। साथ ही कॉलोनी के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है।

एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा ने आज बताया कि जांच के दौरान कॉलोनी विकासकर्ता से ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत भूमि के संबंध में दस्तावेज सहित स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब में विकासकर्ता द्वारा ग्राम नवापाली, तहसील पुसौर स्थित भूमि को ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित बताया गया। जांच में पाया गया कि उक्त भूमि वर्तमान राजस्व अभिलेखों में विकासकर्ता के नाम पर कृषि भूमि के रूप में दर्ज है तथा इसे सक्षम प्राधिकारी को हस्तांतरित किए जाने संबंधी आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। वहीं, ग्रीन पार्क कॉलोनी से संबंधित ईडब्ल्यूएस भूमि निर्धारित क्षेत्र की सीमा में भी नहीं पाई गई

जांच में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कॉलोनी विकासकर्ता को जारी कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। इसके साथ ही ग्राम बड़े अतरमुड़ा स्थित खसरा नंबर 198/5, रकबा 1.978 हेक्टेयर पर विकसित ग्रीन पार्क कॉलोनी के भूखंडों के क्रय-विक्रय पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी गई है। प्रशासन की कार्रवाई से कॉलोनी में नए भूखंडों के अंतरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू हो गया है

मामले में तहसीलदार रायगढ़ को कॉलोनी विकासकर्ता द्वारा अब तक किए गए अंतरणों की जांच कर एक माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित कॉलोनी विकासकर्ता के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के तहत दांडिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कॉलोनी विकास के लिए निर्धारित वैधानिक प्रावधानों और ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में वर्ष 2015 से 2026 तक स्वीकृत कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस भूमि से जुड़े प्रावधानों की व्यापक जांच की जा रही है। इसमें आरक्षित भूमि की स्थिति, नामांतरण, मौके पर उपलब्धता, उपयोग तथा संबंधित भूखंडों के क्रय-विक्रय की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कालोनाइजर के विरूद्ध कालोनाइजर के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.