अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि बिहार के 14 जिलों में आई बाढ़ से 43 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और गंगा सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, 85 ब्लॉकों में फैले 527 ग्राम पंचायतों में लगभग 43.64 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगुसराय और बक्सर शामिल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सितंबर माह में अब तक 83.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है।
डीएमडी ने अपने नवीनतम बुलेटिन में बताया कि गुरुवार सुबह 6 बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.72 मीटर था, जो खतरे के स्तर से 2.22 मीटर ऊपर है। हालांकि, जलस्तर स्थिर बना रहा।
गंडक डुमरिया घाट में, कोसी बलतारा और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में और गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में कुल 951 सामुदायिक रसोईघर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पंद्रह राहत शिविर भी कार्यरत हैं, जो 11,255 लोगों को आवास, भोजन, चिकित्सा देखभाल और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
अब तक लगभग 25 लाख पॉलीथीन शीट और 40,600 सूखे राशन के पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। निकासी और परिवहन के लिए कुल 1,932 नौकाओं का संचालन किया जा रहा है, जबकि 6,692 क्विंटल पशु चारा वितरित किया जा चुका है।
डीएमडी ने बताया कि गुरुवार सुबह 6 बजे गंडक बैराज से 77,600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि कोसी बैराज से 1,40,240 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोन नदी पर स्थित इंद्रपुरी बैराज से 72,095 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
राहत और बचाव कार्यों के लिए, विभिन्न जिलों में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 27 टीमें और एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात की गई हैं।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और पूरे राज्य में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।
















