मध्य प्रदेश में मॉनसून जाते-जाते एक बार फिर पूरी तरह फ्रंटफुट पर आ गया
है. अगर आप सोच रहे थे कि अब बारिश थम चुकी है और मौसम साफ रहेगा, तो
जरा संभल जाइए. बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब (Deep Depression) ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट को पार कर अब मध्य भारत की ओर नमी धकेल रहा
है. इसके सीधे असर से 24 सितंबर को मध्य प्रदेश के एक बड़े
हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र
द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, डीप डिप्रेशन के
प्रभाव से पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं. राज्य
के कई अंचलों में बादलों की तेज गड़गड़ाहट और आकाशीय बिजली चमकने का येलो और ऑरेंज
अलर्ट जारी किया गया है.
ओडिशा तट से टकराने के बाद यह वेदर सिस्टम
पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश के
पूर्वी हिस्से यानी महाकोशल, विंध्य
और बुंदेलखंड में भारी मात्रा में नमी पहुंच रही है. यही कारण है कि 24 सितंबर को डिंडोरी, बालाघाट, अनूपपुर,
सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जैसे जिलों में
भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना जताई गई है. वहीं, शाम
होते-होते इस सिस्टम की सक्रियता भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में भी देखने
को मिलेगी.
खेतों में तैयार खड़ी सोयाबीन और उड़द
की कटाई को एक-दो दिन के लिए टाल दें. जिन किसानों ने फसल काट ली है, वे
उसे खुले खलिहान में न छोड़ें और तिरपाल से अच्छी तरह ढक कर रखें ताकि दाने काले न
पड़ें.
आंधी और गरज-चमक के दौरान खेतों में
काम कर रहे किसान भाई ट्यूबवेल, ट्रांसफॉर्मर या ऊंचे पेड़ों के नीचे
बिल्कुल शरण न लें. तुरंत किसी पक्के मकान या शेड की तरफ जाएं.
भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में
निचले इलाकों और अंडरपास में पानी भरने का अंदेशा है, इसलिए
वाहन चलाते समय जलमग्न रास्तों से बचें.















