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UN में नेतन्याहू का फूटा गुस्सा: वॉकआउट करने वाले डिप्लोमैट्स पर बरसे, बोले- कोई कायर बचा है तो चला जाए


विदेश 25 September 2026
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UN में नेतन्याहू का फूटा गुस्सा: वॉकआउट करने वाले डिप्लोमैट्स पर बरसे, बोले- कोई कायर बचा है तो चला जाए

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाषण की शुरुआत होते ही कई देशों के डिप्लोमेट्स ने विरोध में हॉल से वॉकआउट कर दिया. डिप्लोमेट्स के बाहर निकलने के बाद नेतन्याहू ने उन्हें 'नैतिक रूप से कायर' कहा और तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई और कायर हॉल में बचा है तो वह भी बाहर चला जाए.

नेतन्याहू जैसे ही UN महासभा के मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि अपनी सीटों से उठकर बाहर निकलने लगे. रिपोर्टों के मुताबिक, बड़ी संख्या में डिप्लोमेट्स के वॉकआउट के बाद महासभा हॉल की कई सीटें खाली नजर आईं. वहीं, हॉल में मौजूद कुछ लोगों ने नेतन्याहू के समर्थन में तालियां बजाईं और हिब्रू में 'अम इस्राइल चाई' यानी 'इजराइल के लोग जिंदा हैं' के नारे लगाए.

'कोई और नैतिक कायर बचा है तो बाहर चला जाए'

डिप्लोमेट्स के वॉकआउट पर नेतन्याहू ने अपने भाषण की शुरुआत में ही प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई और 'नैतिक रूप से कायर' या 'सिद्धांतों पर कायम न रहने वाला' अभी भी हॉल में मौजूद है, तो वह भी बाहर चला जाए. उनके इस बयान के दौरान महासभा में शोर और विरोध के बीच व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई.

ईरान पर इजराइल की कार्रवाई का किया बचाव

नेतन्याहू ने अपने करीब 40 मिनट के संबोधन में ईरान के खिलाफ इजराइल की सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया. उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमले को प्रधानमंत्री के तौर पर लिए गए सबसे आसान फैसलों में से एक बताया. उनका दावा था कि अगर इजरायल ने यह कार्रवाई नहीं की होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी.

'कई देशों ने हमें निजी तौर पर धन्यवाद दिया'

वॉकआउट करने वाले देशों के प्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल जिन देशों के प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए भी लड़ रहा है, उन्हीं देशों के कुछ नेताओं ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्हें निजी तौर पर धन्यवाद दिया था. उन्होंने इसे विरोधाभास बताते हुए सवाल उठाया कि सार्वजनिक तौर पर आलोचना और निजी तौर पर समर्थन का यह अंतर क्यों है. यह नेतन्याहू का दावा था, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है.

गाजा को लेकर भी नेतन्याहू ने रखा इजराइल का पक्ष

UN में नेतन्याहू ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई से जुड़े नरसंहार के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि इजराइलने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उनके अनुसार इजरायल ने नरसंहार को रोका है. वहीं, उनके भाषण के दौरान गाजा को लेकर इजरायल की नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना का मुद्दा भी चर्चा में रहा.

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी हमला

. नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा. ममदानी ने नेतन्याहू को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि नेतन्याहू ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए उन पर इजराइल के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप लगाया. दोनों नेताओं के बीच यह सार्वजनिक टकराव नेतन्याहू की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान एक प्रमुख मुद्दा बना रहा.

UN के बाहर भी हुआ विरोध प्रदर्शन

नेतन्याहू के UN संबोधन से पहले न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर भी प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने गाजा और इजरायल की सैन्य कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताया. रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया.

ट्रंप की तारीफ, इजराइल-अमेरिका रिश्तों पर जोर

अपने भाषण में नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि इजराइल को ट्रंप से बड़ा सहयोगी नहीं मिला है और इजराइल-अमेरिका ने मिलकर बड़े खतरों का सामना किया है. नेतन्याहू की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब इजराइल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने हैं.

करीब 40 मिनट चला नेतन्याहू का संबोधन

नेतन्याहू का UN महासभा में संबोधन करीब 40 मिनट चला. उनके भाषण के दौरान ईरान, गाजा, वेस्ट बैंक और इजराइलकी क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे. भाषण की शुरुआत में हुआ डिप्लोमेट्स का सामूहिक वॉकआउट इस पूरे घटनाक्रम का सबसे प्रमुख दृश्य रहा.

 

 

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