भारतीय घरों में ज़्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय की गर्म गर्म सिप के साथ होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं चाय का सेवन कुछ लोगों के लिए नुस्कानदायक हो सकता है। गैस्ट्रोलॉजिस्ट शुभम वत्स ने बताया है कि किन लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए और ज्यादा चाय पीने से सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
चाय में मौजूद टैनिन चाय को डार्क कलर और उसे स्वाद में कड़क बनाते हैं। वैसे तो ये तुरंत एनर्जी को बूस्ट करते हैं लेकिन कुछ देर बाद उतनी ही जल्दी लो डाउन फील करा सकते हैं। दरअसल, चाय में मौजूद टैनिन एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं लेकिन इनका ज़्यादा सेवन करने से गैस्ट्रिक बैरियर इरिटेट होता है जिससे एसिडिटी या जलन महसूस हो सकती है। वहीं, जब चाय में दूध और चीनी मिलाते हैं तो इससे कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ती है, जो इंसुलिन स्तर को प्रभावित कर सकती है।
किन लोगों को चाय पीने से बचना चाहिए?
कुछ मेडिकल कंडीशन में आपको चाय का सेवन करने से बचना चाहिए। गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD जूझ रहे लोगों को खासकर गंभीर स्थिति में चाय पीने से बचना चाहिए। वहीं, गर्भवती महिलाओं को भी चाय का सेवन सीमित रखना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन प्लेसेंटा के ज़रिए बच्चे तक पहुंच सकता है। अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तब भी चाव का सेवन कम या बंद करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा जिन लोगों को एंजायटी या पैनिक अटैक की समस्या है उन्हें बजी कैफीन वाले चाय का सेवन करने से बचना चाहिए।
क्या है चाय पीने का सही तरीका?
अगर आपको कोई मेडिकल कंडीशन नहीं है तब भी आप हर रोज दो कप से ज़्यादा चाय न पिएं। अच्छी नींद के लिए आप पांच बजे के बाद चाय न पिएं। चाय में रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल करने से बचें। सुबह उठकर खाली पेट चाय पीना गट हेल्थ के लिए नुकसानदायक है इसलिए सुबह पहले गुनगुना पानी पिएं हल्का नाश्ता करें और फिर चालीस मिनट बाद चाय पियें। चाय को हेवी मील्स के साथ कभी भी न पिएं क्योंकि ये बॉडी में आयरन, ज़िंक और प्रोटीन के अब्सॉर्प्शन को ब्लॉक कर देते हैं। मील लेने से 45 मिनट पहले और बाद में चाय पीने से बचें।















