Breaking News

अमेरिका अब फारस की खाड़ी में वापस नहीं आएगा, खामेनेई के सैन्य सलाहकार का दावा


विदेश 29 September 2026
post

अमेरिका अब फारस की खाड़ी में वापस नहीं आएगा, खामेनेई के सैन्य सलाहकार का दावा

ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने अमेरिका को लेकर दावा किया है. उन्होंने फारस की खाड़ी के देशों से कहा है कि उन्हें यह मान लेना चाहिए कि अमेरिका अब इस क्षेत्र में वापस नहीं आएगा. द स्टेट्समैन के मुताबिक सफवी ने पड़ोसी देशों से अपने मतभेद आपस में बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील भी की.

याह्या रहीम सफवी ने कहा, “फारस की खाड़ी के किनारे बसे देशों को यह पता होना चाहिए कि अमेरिका अब इस क्षेत्र में वापस नहीं आएगा. हम हजारों सालों से अपने पड़ोसियों के साथ रहते आए हैं और हम पड़ोसी हैं.” उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के लिए एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहना ही बेहतर है.

मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका को चेताया

इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोमवार को अमेरिका का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ईरान को दुनिया की चौथी महाशक्ति मानते हैं. उनके मुताबिक, आज दुश्मन की सेनाओं में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे अरब सागर से आगे बढ़ सकें.

‘जल्द अरब सागर से खत्म हो जाएगी मौजूदगी’

मोजतबा खामेनेई ने कहा कि जल्द ही वह दिन आएगा जब अरब सागर में दुश्मन की मौजूदगी पूरी तरह खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा कि ईरान के लोग अपनी जिम्मेदार मौजूदगी के साथ देशभर के चौराहों और सड़कों पर जुटते हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव

ये बयान ऐसे समय में सामने आए हैं जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव बना हुआ है. इसी दौरान अमेरिका ने रणनीतिक जलमार्ग को फिर से खोलने से जुड़े ईरान के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है.

‘दुश्मन की सेनाएं अरब सागर से आगे नहीं बढ़ पातीं’

खामेनेई ने कहा कि ईरान के दक्षिण में स्थित दोनों समुद्र कभी दुश्मन की सेनाओं की गतिविधियों का क्षेत्र हुआ करते थे. लेकिन अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के “बहादुर योद्धाओं और रक्षकों” की कार्रवाई के कारण वे अरब सागर से आगे नहीं बढ़ पाते.

ईरान ने दी आगे भी कार्रवाई की चेतावनी

उन्होंने दावा किया कि जब भी दुश्मन ने इस खतरे का सामना करने की कोशिश की, उसे खुद नुकसान उठाना पड़ा. खामेनेई ने कहा कि जल्द ही अरब सागर भी दुश्मन की मौजूदगी से पूरी तरह खाली हो जाएगा. ये बयान ईरान की ओर से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी के खिलाफ जारी कड़े संदेश के तौर पर देखे जा रहे हैं.

 

You might also like!


Channel not found or invalid API Key.