बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन
जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) की शाखा और नया गुट माने जाने वाले इमाम
महमूद काफिला या इमाम महमूदेर काफिला (आइएमके) के कथित नेटवर्क और पश्चिम बंगाल
में उसके मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिशों की जांच के सिलसिले में राष्ट्रीय
अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) ने मंगलवार को बंगाल, असम और केरल
में करीब 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया.
इन जिलों में अब तक चार लोग गिरफ्तार
बंगाल में पूर्व बर्धमान, दक्षिण
दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और कोलकाता
से सटे इलाकों में हुई कार्रवाई के दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. असम में
भी छह लोगों को हिरासत में लिये जाने की बात सामने आयी है. गिरफ्तार लोगों में
पूर्व बर्धमान के मंगलकोट के पालिशग्राम की एक मस्जिद के इमाम पियार मोहम्मद शेख,
दक्षिण 24 परगना के बजबज के मीठापुकुर निवासी
जुम्मान शेख, बलरामपुर निवासी शाहरुल पुरकायत और नरेंद्रपुर
के कुसुम्बा निवासी अब्दुल रफीक शामिल हैं.
प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंधों की जांच
एनआइए के अनुसार, गिरफ्तार लोगों के
प्रतिबंधित संगठन से कथित संबंधों की जांच की जा रही है. जांचकर्ताओं को संदेह है
कि ये लोग जेएमबी से जुड़े आइएमके मॉड्यूल के संपर्क में हो सकते हैं. एजेंसी यह
पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का संगठन से संपर्क किस स्तर का था, वे किन लोगों के संपर्क में थे और पश्चिम बंगाल में कथित नेटवर्क के
विस्तार में उनकी क्या भूमिका थी.
असम के मामले की जांच में सामने आया बंगाल कनेक्शन
एनआइए की मंगलवार की कार्रवाई असम में दर्ज एक मामले की जांच के
दौरान सामने आयी जानकारी के आधार पर की गयी. दिसंबर 2025
में असम पुलिस ने बारपेटा और चिरांग के अलावा त्रिपुरा के विभिन्न
इलाकों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया था. इनपर बांग्लादेश के
प्रतिबंधित संगठन आइएमके से जुड़े होने का आरोप था. बाद में मामले की जांच एनआइए
ने अपने हाथ में ले ली.
स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश
जांच के दौरान आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक
उपकरणों की पड़ताल की गयी. कुछ एनक्रिप्टेड एप पर हुई बातचीत में पश्चिम बंगाल के
कई लोगों के नाम सामने आये. इसके आधार पर मंगलवार को राज्य में अलग-अलग स्थानों पर
एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया. आशंका है कि बंगाल में संगठन का सक्रिय मॉड्यूल या
स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश की गयी थी. पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार या
संदिग्ध लोगों में से किसी ने बांग्लादेश जाकर प्रशिक्षण लिया था या नहीं.
बांग्लादेश में लगातार आवाजाही की जानकारी
मंगलवार सुबह एनआइए की चार सदस्यीय टीम स्थानीय पुलिस के साथ पूर्व
बर्दवान के मंगलकोट थाना क्षेत्र के पालिशग्राम पहुंची. शिमुलिया-2 ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव की एक मस्जिद में तलाशी अभियान
चलाया गया. करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद मस्जिद के इमाम पियार मोहम्मद शेख को
गिरफ्तार कर लिया गया. वह तीन वर्षों से पालिशग्राम पूर्वपाड़ा मस्जिद में इमाम
था. उसका मूल घर मंतेश्वर थाना क्षेत्र के कुलुट गांव में है. जांच में उसके
बांग्लादेश में लगातार आने-जाने की जानकारी सामने आयी है.
तीन वर्षों के दौरान छह माह रहा बांग्लादेश में
स्थानीय लोगों और मस्जिद कमेटी के सदस्यों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में वह कई बार बांग्लादेश गया और कुल मिलाकर करीब छह
महीने वहां रहा. कुछ महीने पहले भी वह बांग्लादेश से लौटकर आया था. एनआइए ने मस्जिद
में उसके कमरे की तलाशी ली. वहां से एक डायरी और मोबाइल फोन जब्त किये जाने की
जानकारी है. डायरी में बांग्लादेश के कई लोगों के मोबाइल नंबर मिले हैं.
बजबज व नरेंद्रपुर से भी गिरफ्तारी
दक्षिण 24 परगना के बजबज थाना क्षेत्र के मीठापुकुर से
एनआइए ने पेशे से दर्जी जुम्मान शेख को गिरफ्तार किया. उसके घर पर भी तलाशी ली
गयी. इसके बाद टीम पास के बलरामपुर में शाहरुल पुरकायत की तलाश में पहुंची. शाहरुल
15 वर्षों से परिवार के साथ इलाके में रह रहा था. उसका मूल
घर दक्षिण 24 परगना के कुलपी के पश्चिम रघुनाथपुर में है.
उसकी पत्नी से जानकारी मिली कि वह किसी रिश्तेदार के घर कुलपी गया है. इसके बाद
एनआइए ने कुलपी से उसे गिरफ्तार किया. नरेंद्रपुर के कुसुम्बा से अब्दुल रफीक को
भी गिरफ्तार किया गया. उसका मूल घर असम के बारपेटा में बताया गया है. वह ‘पूर्व
आकाश’ नामक वाट्सएप ग्रुप का सदस्य था. एनआइए उसके मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल
संपर्कों की जांच कर रही है.
बंशीहारी में भी छापेमारी, मुजीबुर घर
पर नहीं मिला
इसी अभियान के तहत दक्षिण दिनाजपुर के बंशीहारी थाना क्षेत्र में
भी एनआइए की टीम पहुंची. कुसकारी मुंदेहार इलाके में मिजानुर रहमान के घर की तलाशी
ली गयी. उसके बेटे मुजीबुर रहमान (26) की भी तलाश
थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला. इस दौरान कुछ दस्तावेज भी
जब्त किये गये. परिवार के अनुसार, मुजीबुर विज्ञान से स्नातक
है और यूपीएससी समेत अन्य सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. वह
ऑनलाइन पढ़ाई और कोचिंग भी करता था. वह जनवरी 2026 तक घर पर
था, लेकिन उसके बाद से उसकी जानकारी नहीं है.
बांग्लादेश से बंगाल तक नेटवर्क फैलाने की आशंका
जांच के दौरान एनआइए को आशंका है कि आइएमके के कथित नेटवर्क का
विस्तार बांग्लादेश से असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल तक करने की कोशिश की
गयी. इस कथित नेटवर्क में जेएमबी से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही
है. संगठन के गठन व विस्तार में ज्वेल अली नाम के व्यक्ति की भूमिका सामने आयी है.
एजेंसी को बांग्लादेश के मौलवीबाजार के पहाड़ी इलाके में संगठन के लिए कथित हथियार
प्रशिक्षण शिविर चलाये जाने की जानकारी भी मिली है















