बुधवार को
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मिली-जुली रही. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से उपजी वैश्विक चिंताओं के कारण निवेशक संभलकर
कदम उठा रहे हैं. घरेलू बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है, जहां निफ्टी में हल्की गिरावट है
तो सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ बना हुआ है.
बाजार में उतार-चढ़ाव की क्या
वजह है?
1. अमेरिकी
बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिका में 30 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.6% के पार पहुंच गई है,
जो 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है. एचडीएफसी
सिक्योरिटीज (HSL) के एक्सपर्ट देवर्ष वकील के अनुसार,
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उधारी लागत बढ़ती है, जिससे
महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों और क्रिप्टो बाजार पर दबाव बनता है.
2. कच्चा
तेल: ब्रेंट क्रूड ऑयल $96.59 प्रति
बैरल पर ट्रेड कर रहा है. अमेरिका-ईरान बातचीत में प्रगति और क्रूड की कीमतों में
नरमी से बाजार को सहारा मिल सकता है, लेकिन तेल में फिर तेजी
आई तो दबाव बढ़ेगा.
3. FII की बिकवाली: बाजार विश्लेषक विपिन
दिक्सेना के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है.
कौन से सेक्टर और शेयर चमक रहे
हैं?
कमजोर वैश्विक माहौल के बावजूद आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी
देखी जा रही है:
- बढ़ने वाले सेक्टर: निफ्टी
मीडिया (+1.37%),
ऑयल एंड गैस (+1.15%), पीएसयू बैंक (+1.11%)
और आईटी (+0.85%).
- दबाव वाले सेक्टर: मेटल
(-0.54%)
और फाइनेंशियल सर्विसेज.
- दिग्गज शेयर: टीसीएस
(TCS)
में 1.78% की तेजी रही. इसके अलावा टेक
महिंद्रा और एचसीएल टेक हरे निशान में हैं. वहीं दूसरी ओर, बीएसई, मैक्स हेल्थकेयर और अदाणी पोर्ट्स में
गिरावट दर्ज की गई.
निवेशकों के लिए आगे के क्या
लेवल हैं?
अक्षिस डायरेक्ट के एक्सिस डायरेक्ट के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट
हेमांग गोर का कहना है कि जब तक निफ्टी 22,800 के नीचे
है, तब तक बाजार का मूड थोड़ा सुस्त ही रहेगा.
- सपोर्ट लेवल (Support): निफ्टी के लिए 22,600-22,570
का दायरा मजबूत सपोर्ट है. अगर यह टूटता है, तो निफ्टी 22,380 और फिर 22,200 के स्तर तक नीचे गिर सकता है.
- रेजिस्टेंस लेवल (Resistance): सुधार की स्थिति में निफ्टी को ऊपर
की तरफ 22,850 से 22,900 पर पहला
झटका (रुकावट) मिल सकता है. इसके पार जाने पर 23,100 का
स्तर देखने को मिल सकता है.















