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आरबीआई की MPC बैठक शुरू, 7 अक्टूबर को होगी फैसलों की घोषणा


व्यापार 05 October 2026
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आरबीआई की MPC बैठक शुरू, 7 अक्टूबर को होगी फैसलों की घोषणा

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है। यह बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चलेगी और पॉलिसी से जुड़े फैसले बुधवार को घोषित किए जाएंगे। बाजार की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या केंद्रीय बैंक फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाने का कदम उठाएगा। वर्तमान में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर है।

अर्थशास्त्रियों का क्या है अनुमान 

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई ब्याज दरें बढ़ाने का सिलसिला जल्द शुरू कर सकता है। पहले दिसंबर में दरें बढ़ाने का अनुमान था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर अक्टूबर की बैठक में ही लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के अनुसार, ऊर्जा की ऊंची कीमतों, खाद्य महंगाई और बढ़ते प्राइस प्रेशर के कारण अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की बढ़ोतरी हो सकती है। BofA ने कहा, “लगभग दो साल तक मौद्रिक नीति में आसानी बनाए रखने के बाद आरबीआई अब अक्टूबर की MPC बैठक में पॉलिसी सपोर्ट वापस लेने की दिशा में पहला कदम उठाने के लिए तैयार दिख रहा है। इसलिए अब हमारा अनुमान है कि आरबीआई अक्टूबर में 25 bps की दर वृद्धि करेगा।”

एसबीआई रिसर्च भी मान रहा है प्री-एम्प्टिव एक्शन जरूरी

एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय आरबीआई द्वारा 25 bps की दर बढ़ोतरी की संभावना काफी बढ़ गई है। महंगाई का बढ़ता दायरा, बिगड़ते वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक हालात, लिक्विडिटी की बदलती स्थिति और जोखिमों के वैश्विक री-प्राइसिंग जैसे कारणों से पहले से ही कदम उठाने (pre-emptive action) की जरूरत मजबूत हो रही है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि जियो-पॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े जोखिम और वैश्विक स्तर पर जोखिमों के री-प्राइसिंग को देखते हुए “हालात के पीछे रहने के बजाय पहले से कदम उठाना समझदारी होगी।”

महंगाई का दायरा बढ़ रहा है, जोखिम और बढ़ सकते हैं

जुलाई में CPI महंगाई 4.45 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। मजबूत अल-नीनो की स्थिति और अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश रबी फसल के उत्पादन के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकती है।दुनिया भर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, महंगाई का दबाव और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण आरबीआई के लिए ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखने की गुंजाइश लगातार कम होती जा रही है। बाजार अब बुधवार के फैसले का इंतजार कर रहा है।

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