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भूटान में 770 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना बनाएगी अडानी पावर-DGPC की साझेदारी


विदेश 06 October 2026
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भूटान में 770 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना बनाएगी अडानी पावर-DGPC की साझेदारी

अडानी पावर और भूटान की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (DGPC) ने मंगलवार को भूटान में 770 मेगावाट की चमखरछू-I जलविद्युत परियोजना स्थापित करने की घोषणा की।
यह दोनों कंपनियों के बीच दूसरी बड़ी जलविद्युत साझेदारी है। इससे पहले सितंबर 2025 में 570 मेगावाट की वांगछू जलविद्युत परियोजना के लिए समझौता हुआ था।

चमखरछू-I परियोजना मई 2025 में अडानी समूह और DGPC के बीच हुए 5,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाओं के विकास संबंधी समझौता ज्ञापन (MoU) का हिस्सा है।

समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंचेन दाशो शेरिंग टोबगे मौजूद रहे। इस अवसर पर वित्त मंत्री, ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री, ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (DHI), भूटान पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPC), DGPC के बोर्ड और प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ अडानी पावर के अधिकारी भी मौजूद रहे।

अडानी पावर के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा कि कंपनी भूटान सरकार और DGPC के साथ चमखरछू जलविद्युत परियोजना के जरिए अपनी साझेदारी को मजबूत करने को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में ऊर्जा बदलाव को तेज करने में जलविद्युत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता कम करने और दोनों देशों के साझा टिकाऊ विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में योगदान देगी।

उन्होंने कहा कि परियोजना से भूटान की सर्दियों के दौरान बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, गर्मियों में अतिरिक्त हरित बिजली को भारत को निर्यात किया जा सकेगा, जिससे दोनों देशों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा।

यह परियोजना मध्य भूटान के झेमगांग जिले में चमखरछू नदी पर बनाई जाएगी।कंपनी के अनुसार, परियोजना को निर्माण, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण (BOOT) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें अडानी पावर और DGPC की हिस्सेदारी क्रमशः 49:51 प्रतिशत होगी। परियोजना के वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तारीख (COD) से 30 साल की रियायत अवधि होगी।

DGPC के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा कि यह साझेदारी भूटान के जलविद्युत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और भूटान तथा भारत के बीच लंबे समय से चली आ रही ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करती है।

उन्होंने कहा कि 770 मेगावाट की चमखरछू-I जलविद्युत परियोजना खासकर सर्दियों के दौरान भूटान की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में योगदान देगी। साथ ही, अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल कर उसे भारत को निर्यात करने के अवसर भी पैदा होंगे।

रिनजिन ने कहा कि DGPC इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए अडानी पावर के साथ मिलकर काम करने और व्यापक जलविद्युत विकास साझेदारी के तहत आगे के अवसर तलाशने को लेकर उत्साहित है।

परियोजना से भूटान की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता मजबूत होने और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने की संभावना है, जबकि परियोजना को निर्माण शुरू होने के छह साल के भीतर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

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