बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के गुस्से और
सख्त रवैये के किस्से इंडस्ट्री में अक्सर चर्चा में रहते हैं. कई एक्टर्स सेट पर
उनके आपा खोने की बात कह चुके हैं. अब इस मुद्दे पर वेटरन एक्टर रजा मुराद खुलकर
सामने आए हैं. उन्होंने भंसाली के गुस्से को सही ठहराते हुए कहा कि उनका यह मिजाज
किसी से निजी दुश्मनी नहीं, बल्कि काम को लेकर उनकी
दीवानगी है
हिंदी सिनेमा में पांच दशक से ज्यादा का
वक्त बिता चुके सीनियर एक्टर रजा मुराद ने विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में
भंसाली के साथ अपने काम करने के अनुभव के बारे में बताया. रजा मुराद 'राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत' और 'गंगूबाई
काठियावाड़ी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में भंसाली के साथ काम कर
चुके हैं.
भंसाली के
मूड पर भड़कने की खबरों पर बात करते हुए रजा मुराद ने कहा, बिल्कुल नहीं है कि वह सेट पर आते ही गुस्सा करने लगते हैं. हर
इंसान का अपना स्वभाव होता है. भंसाली साहब का गुस्सा किसी से निजी नहीं होता. जब
वे अपनी बात बार-बार समझाने के बाद भी सामने वाले को समझा नहीं पाते और काम
मनमुताबिक नहीं होता, तब वो आपा खोते हैं. जब काम में खराबी होगी,
तो उनका भड़कना बिल्कुल सही है
रजा मुराद
ने आगे एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि भंसाली सिर्फ छोटे क्रू मेंबर्स या
सहायकों पर ही नहीं भड़कते. उन्होंने कहा, "मैंने खुद अपनी आंखों से देखा है कि उन्होंने रणवीर सिंह(Ranveer Singh), दीपिका
पादुकोण (Dipika Padukon)और प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) जैसे
बड़े सितारों पर भी जमकर गुस्सा उतारा है. भंसाली को वही चाहिए जो उनके दिमाग में
चल रहा होता है. वे अपने विजन से कोई समझौता नहीं करते
रजा मुराद
ने संजय लीला भंसाली की तुलना शोमैन राज कपूर से करते हुए दोनों को 'परफेक्शनिस्ट' बताया. उन्होंने कहा, "दोनों ही डायरेक्टर्स को सिर्फ अपने काम
से मतलब रहता है. उनके लिए समय, शिफ्ट,
पैसा, सेट या एक्टर्स की डेट्स कोई मायने नहीं
रखतीं. काम चार दिन की जगह आठ दिन में पूरा हो, उन्हें फर्क
नहीं पड़ता. सेट पर कदम रखते ही उनका एक ही मकसद होता है - सिर्फ बेहतरीन काम. राज
कपूर साहब के साथ 'प्रेम रोग' और 'राम तेरी गंगा मैली' करते वक्त भी मैंने यही देखा था















