केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी विलक्षण वैज्ञानिक प्रतिभा को भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक शक्ति बनाने में समर्पित किया और भारत के राष्ट्रपति के रूप में सर्वोच्च लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखा। श्री शाह ने आगे कहा कि भारत के मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एक आदर्श बने रहेंगे जो युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा में अपना दिल और जान लगाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. कलाम के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद करते हुए उन्हें देश की वैज्ञानिक और रणनीतिक शक्ति को मजबूत करने वाला महान व्यक्तित्व बताया। अमित शाह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी असाधारण वैज्ञानिक प्रतिभा को भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक शक्ति बनाने के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपने ज्ञान, परिश्रम और दूरदर्शी सोच से देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. कलाम को भारत के मिसाइल कार्यक्रम में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति तथा मेहनत के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि डॉ. कलाम ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में सर्वोच्च लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को कायम रखा। वर्ष 2002 से 2007 तक देश के राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए उन्होंने अपने सरल स्वभाव, ईमानदारी और जनसामान्य से जुड़ाव के कारण विशेष पहचान बनाई। उन्हें जनता का राष्ट्रपति भी कहा जाता है। डॉ. कलाम का व्यक्तित्व राजनीति, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने हमेशा युवाओं को बड़े सपने देखने, ज्ञान अर्जित करने और देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उनका मानना था कि युवाओं की प्रतिभा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अमित शाह ने अपने संदेश में विश्वास जताया कि डॉ. कलाम का आदर्श जीवन आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। गौरतलब है कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 27 जुलाई 2015 को शिलांग में विद्यार्थियों को संबोधित करते समय उनका निधन हो गया था। हालांकि, उनके विचार, वैज्ञानिक उपलब्धियां और देश के प्रति समर्पण आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना देश के युवाओं को शिक्षा, विज्ञान, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का संदेश देता है।















