विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि देश बदलती वैश्विक व्यवस्था के अनुरूप अपनी विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और नई साझेदारियों एवं नए विकल्पों की खोज कर रहे हैं। उन्होंने पिछले दशक की भारत-यूएई साझेदारी को बदलते वैश्विक परिवेश के प्रति दोनों देशों की प्रतिक्रिया का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
डॉ. जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर, 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां वे रायसीना मिडिल ईस्ट कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में भाग लेंगे। वे कल शाम अबू धाबी पहुंचे और वहां उनका स्वागत संयुक्त अरब अमीरात की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने किया।
अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट कार्यक्रम में बोलते हुए, जयशंकर ने यूएई के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल-नाहयान के साथ 'आगे की दुनिया: शक्ति, उद्देश्य और संभावना' विषय पर एक सत्र में भाग लिया।
अपनी बातचीत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की गति को पहचानना महत्वपूर्ण है, जो दीर्घकालिक रुझानों और तात्कालिक झटकों दोनों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि देश अपनी विशिष्ट परिस्थितियों के अनुसार इस पर प्रतिक्रिया देते हैं और इस दिशा में साझेदारी और नए विकल्पों की खोज करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इसमें पारंपरिक आराम के दायरे से बाहर निकलना और अधिक तीक्ष्ण रणनीतिक जागरूकता विकसित करना भी शामिल है। उन्होंने मजबूत लघुपक्षवाद के माध्यम से समर्थित बहुपक्षवाद में तत्काल सुधार के महत्व पर भी बल दिया। डॉ. जयशंकर ने बदलते वैश्विक परिवेश के प्रति दोनों देशों की प्रतिक्रिया का एक बेहतरीन उदाहरण देते हुए पिछले दशक की भारत-यूएई साझेदारी का उल्लेख किया।
डॉ. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल-नाहयान से भी मुलाकात की, जिसे उन्होंने सौहार्दपूर्ण और फलदायी बैठक बताया। भारत-संयुक्त अरब अमीरात व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना से प्रेरित होकर दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. जयशंकर ने जॉर्जिया के विदेश मंत्री माका बोचोरिशविली से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा सहित भारत-जॉर्जिया के संबंध मजबूत हो रहे हैं। दोनों पक्षों ने व्यापार, संपर्क, संस्कृति और जन-जन संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।















